मनोज तिवारी ने महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लाभों के बारे में बताया

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मनोज तिवारी ने महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लाभों के बारे में बताया

सारांश

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लाभों की जानकारी दी। यह बिल महिलाओं के लिए राजनीतिक क्षेत्र में आरक्षण प्रदान करता है, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ेगी। जानें इस ऐतिहासिक कानून के बारे में।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीति में 33%25 सीटें आरक्षित करता है।
  • यह बिल सितंबर 2023 में पारित हुआ था।
  • इसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
  • आरक्षित सीटों में अनुसूचित जातियों के लिए कोटा है।
  • यह कानून 15 वर्षों तक लागू रहेगा।

मुंबई, १४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल को संसद के विशेष सत्र में और अधिक मजबूती से लाने की तैयारी कर रही है। इस बिल को लेकर विभिन्न स्थानों से सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कई महिलाएँ हैं, जिन्हें इस बिल की जानकारी नहीं है।

इसी संदर्भ में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कुछ महिलाओं को अपने निवास पर बुलाकर इस बिल की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें वे महिलाओं को बिल के बारे में सरल शब्दों में समझाते हुए नजर आ रहे हैं।

वीडियो में वे कहते हैं, "प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वे जल्द ही महिला आरक्षण बिल लेकर आने वाले हैं। इसका अर्थ है कि यदि 100 लोग पार्षद, विधायक या सांसद बनते हैं, तो उनमें 33 प्रतिशत महिलाएँ निश्चित रूप से होंगी।"

अभिनेता ने अपने संवाद में स्पष्ट किया कि यह बिल सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित की जाएँगी। अब सरकार इसे शीघ्र लागू करने के लिए संशोधन ला रही है।

उन्होंने वीडियो में लिखा, "महिलाओं की खुशी अद्भुत है... जब हम महिला आरक्षण की बात करते हैं... नारी शक्ति वंदन अधिनियम।"

महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम (128वां संविधान संशोधन विधेयक, 2023) के नाम से जाना जाता है, भारत में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है। यह बिल 2023 में संसद के द्वारा पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और 15 वर्षों तक आरक्षण प्रदान करना है।

आरक्षित सीटों में से, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए कोटा (सब-कोटा) के तहत आरक्षण का प्रावधान भी है। यह आरक्षण परिसीमन के बाद लागू होगा।

Point of View

और इस कानून से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें एक तिहाई सीटें आरक्षित करना है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम कब पारित हुआ?
यह अधिनियम सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किया गया।
क्या इस अधिनियम में अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षण है?
हाँ, इस अधिनियम में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है।
महिला आरक्षण का कब से लागू होगा?
यह आरक्षण परिसीमन के बाद लागू होगा।
क्या यह कानून 15 वर्षों तक लागू रहेगा?
हाँ, यह कानून 15 वर्षों तक लागू रहेगा।
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