5 किलो एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री 14.3 लाख तक पहुंची, पीएनजी कनेक्शन 4.4 लाख पर पहुंचे
सारांश
Key Takeaways
- घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है।
- 5 किलो के सिलेंडरों की बिक्री 14.3 लाख हुई।
- ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि।
- पीएनजी कनेक्शन 4.4 लाख तक पहुँचे।
- सरकार ने जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि देश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। सोमवार को, प्रवासी मजदूरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5 किलो के 1.1 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर बेचे गए, जिससे 23 मार्च के बाद इनकी कुल बिक्री 14.3 लाख तक पहुंच गई है।
फरवरी में ईरान युद्ध शुरू होने से पहले 5 किलो सिलेंडरों की दैनिक औसत बिक्री लगभग 77,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर लगभग 1.1 लाख प्रतिदिन हो गई है।
मंत्रालय के अनुसार, सोमवार तक उद्योग में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का आंकड़ा बढ़कर 98 प्रतिशत तक पहुँच गया है। इसी प्रकार, उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के माध्यम से डिलीवरी भी बढ़कर लगभग 92 प्रतिशत हो गई है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गड़बड़ी रोकने में सहायता मिल रही है।
मार्च 2026 से अब तक करीब 4.4 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, और लगभग 4.88 लाख नए ग्राहकों ने कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, 33,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने एमवाईपीएनजीडी.इन वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
सोमवार को 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री भी 4.5 लाख से अधिक रही, जिससे 14 मार्च के बाद इनकी कुल बिक्री 69.28 लाख से अधिक हो गई है।
एलपीजी वितरण की बेहतरीन योजना के लिए आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक तीन सदस्यीय समिति राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने और अनावश्यक रूप से डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
सरकार ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी और पीएनजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है, विशेष रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए।
देश भर में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 232 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया है, जबकि 56 की डिस्ट्रीब्यूटरशिप सस्पेंड कर दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार, सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता पर कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक बुकिंग या खरीदारी से बचें और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
इसके साथ ही, सरकार ने यह भी घोषणा की है कि कमर्शियल एलपीजी की लिमिट को मार्च 2026 से पहले के 70 प्रतिशत स्तर तक बढ़ाने का निर्णय औद्योगिक इकाइयों पर भी लागू होगा। इसमें फार्मा, फूड, पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, भारी पानी, स्टील, बीज, मेटल, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, ग्लास और एयरोसोल जैसे सेक्टर शामिल हैं।