राघव चड्ढा के हमलों के खिलाफ आम आदमी पार्टी की मजबूत प्रतिक्रिया: 'जो डर गया, समझो मर गया'
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- सौरभ भारद्वाज ने साहस और निडरता की बात की।
- पार्टी के अन्य नेता भी राघव के बचाव में खड़े हुए हैं।
- सरकार के खिलाफ सवाल उठाने पर कार्रवाई की जा रही है।
- आम आदमी पार्टी के नेताओं ने एकजुटता दिखाई है।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सदन में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी और पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। इसके तुरंत बाद, आम आदमी पार्टी के कई नेता पार्टी का बचाव करने के लिए आगे आए। 'आप' पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने पलटवार करते हुए राघव चड्ढा पर पार्टी लाइन से हटकर मुद्दे उठाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, "राघव भाई, आपका वीडियो देखा। हम सब अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने केवल एक ही मूल मंत्र सीखा है कि 'जो डर गया, समझो मर गया'। हमें सरकार की आँखों में आँख डालकर लोगों के मुद्दे उठाने थे।"
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल के दिनों में जो भी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के खिलाफ सवाल उठाता है, सरकार उसे डिक्टेटर की तरह सोशल मीडिया पर बैन कर देती है। एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है।
उन्होंने आगे कहा, "सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई संसद में अपना सॉफ्ट पीआर करे। संसद में एक छोटी पार्टी को बोलने का सीमित समय मिलता है। अगर कोई समोसे की बात उठा रहा है, तो जरूरी है कि बड़े मुद्दों को भी उठाया जाए। पूरे देश में हमने देखा है कि चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं और फर्जी वोटर बनाकर, सिस्टम पर कब्जा करके सरकार चुनाव जीत रही है।"
राघव चड्ढा को जवाब देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, "पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है। सभी विपक्षी दलों ने सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव लाने की कोशिश की, लेकिन आपने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जब भी कोई मुद्दा होता है और विपक्ष वॉकआउट करता है, आप वॉकआउट नहीं करते। पिछले कई समय से मैंने देखा है कि आपने सदन में कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल पूछे हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।"
उन्होंने आरोप लगाया, "हमें पंजाब के मुद्दों को उठाना है, लेकिन आप उन मुद्दों को उठाने से डरते हैं। अभी गुजरात में 160 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और झूठे मुकदमों में गिरफ्तार किया गया। आप इस पर भी चुप हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सरकार ने झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कराया। उस समय आप देश से बाहर चले गए।"
सौरभ भारद्वाज ने कहा, "मेरा मानना है कि देश के असली मुद्दों को निडरता और साहस से उठाना चाहिए। आपको विचार करना चाहिए कि आप कहां से आए हैं और कहां जा रहे हैं।"
वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहचान है। अगर कोई सरकार से डर जाए, तो वह देश के लिए क्या लड़ेगा? संसद में थोड़े समय की बात होती है, उसमें या तो देश को बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले?"
उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में सीईसी के खिलाफ प्रस्ताव आया, तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया। जबकि पार्टी ने सदन से वॉकआउट किया, तो आप सरकार की हाजिरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से आप डर गए हैं राघव। सरकार के खिलाफ बोलने से डरते हैं। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हैं।"
इससे पहले, राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा को कहा है कि राघव चड्ढा के बोलने पर रोक लगाई जाए। लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।" उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, "मुझे खामोश किया गया है, लेकिन मैं नहीं हारा हूँ।"