अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केरल में रजोनिवृत्ति के लिए योग कार्यक्रम, YWCA और आयुष मंत्रालय की साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 की 32 दिवसीय तैयारी श्रृंखला के अंतर्गत यंग विमेंस क्रिश्चियन एसोसिएशन (YWCA) कलाथिपाडी ने आयुष मंत्रालय के अधीन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के सहयोग से 'रजोनिवृत्ति के लिए योग — एक समग्र कल्याण मॉड्यूल' विषयक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में समुदाय की महिलाओं, योग अभ्यासकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य और विषयवस्तु
इस कार्यक्रम का केंद्रीय उद्देश्य रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने में योग और आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित करना था। विषयगत सत्रों में आयुर्वेदिक सिद्धांतों, शास्त्रीय योगिक अभ्यासों, प्राणायाम, विश्राम तकनीकों और ध्यान-आधारित उपायों को एकीकृत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
सत्र में रजोनिवृत्ति को एक प्राकृतिक जैविक अवस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें हार्मोनल, भावनात्मक और चयापचय संबंधी परिवर्तन सामान्य रूप से होते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग अभ्यास शारीरिक आराम, भावनात्मक संतुलन, तनाव में कमी, बेहतर नींद और जीवन की समग्र गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकता है।
योगासन और प्राणायाम तकनीकें
प्रतिभागियों को ताड़ासन, बद्ध कोणासन, बालासन, सेतु बंधासन, विपरीत करणी और शवासन जैसे सौम्य आसनों से परिचित कराया गया। इसके साथ ही नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जो तंत्रिका तंत्र के संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती हैं।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और जीवनशैली पर जोर
कार्यक्रम में वात असंतुलन और धातु क्षय पर आयुर्वेदिक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने समग्र स्वास्थ्य के लिए सहायक आहार और जीवनशैली में बदलाव पर विशेष बल दिया। यह आयोजन पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सामुदायिक स्वास्थ्य में एकीकृत करने के भारत सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
उद्घाटन और विशिष्ट अतिथि
डॉ. मलयिल साबू कोशी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। YWCA भारत, CMS कॉलेज और कोट्टायम नगर प्रशासन के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाता है और 2026 इसका 12वाँ संस्करण होगा। आयुष मंत्रालय इस वर्ष देशभर में 32 दिवसीय पूर्व-आयोजन कार्यक्रमों की श्रृंखला चला रहा है, जिनमें महिला स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यह कार्यक्रम उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।