ट्रंप ने क्यूबा को बताया 'नाकाम देश', रुबियो बोले — अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 22 मई 2026 को क्यूबा के खिलाफ अपना रुख और कड़ा करते हुए उसे 'नाकाम देश' और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा करार दिया। दोनों नेताओं ने अलग-अलग मंचों से हवाना पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए, हालांकि बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना भी खुली रखी।
ट्रंप का ओवल ऑफिस बयान
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में नियमों में ढील से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'क्यूबा एक नाकाम देश है। हर कोई यह जानता है। वहाँ बिजली नहीं है। लोगों के पास पैसे नहीं हैं। उनके पास खाने तक की कमी है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे इंसानियत के नाते क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।
ट्रंप ने फ्लोरिडा में बसे क्यूबा मूल के अमेरिकियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये लोग क्यूबा में निवेश करना और देश को फिर से खड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया, 'पिछले 50-60 वर्षों से दूसरे राष्ट्रपति इस बारे में सोचते रहे, लेकिन लगता है कि इसे मैं ही कर पाऊँगा।'
रुबियो की कड़ी चेतावनी
इससे कुछ घंटे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मियामी होमस्टेड एयरपोर्ट पर भारत रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए और कड़ा बयान दिया। रुबियो ने कहा, 'क्यूबा लगातार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा रहा है। हमारे तट से सिर्फ 90 मील दूर एक नाकाम देश होना, जिसे हमारे विरोधियों के दोस्त चला रहे हों, यह भी बड़ा खतरा है।'
रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया मौजूदगी है और वहाँ दोनों देशों के हथियार सिस्टम भी पहुँचे हैं। उन्होंने हवाना पर लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने वाले समूहों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया और कहा कि पूरे क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों में क्यूबा सबसे आगे रहा है।
व्हाइट हाउस की अतिरिक्त चेतावनी
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी प्रशासन की चिंताओं को दोहराया। मिलर ने चेतावनी दी कि अमेरिका का कोई दुश्मन क्यूबा में हमला करने वाले ड्रोन भेज सकता है, जो वहाँ से बड़ी आसानी से अमेरिकी इलाके तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपने इतने करीब दुश्मनों, विरोधियों या आतंकवादियों का ठिकाना नहीं बनने दे सकते।'
मानवीय सहायता पर शर्त
रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका क्यूबा को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है, परंतु यह मदद केवल स्वतंत्र समूहों के ज़रिए दी जाएगी — क्यूबा की सेना से जुड़े संगठनों के माध्यम से नहीं। यह शर्त हवाना के लिए किसी भी राहत को व्यावहारिक रूप से जटिल बनाती है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट, बिजली की भारी कमी और बड़े पैमाने पर पलायन का सामना कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन का यह दोहरा रवैया — कड़ी भाषा के साथ-साथ मदद का संकेत — फ्लोरिडा के राजनीतिक समीकरणों और व्यापक भू-राजनीतिक दबाव, दोनों को एक साथ साधने की कोशिश है। आने वाले हफ्तों में वाशिंगटन की नीतिगत दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।