ट्रंप ने क्यूबा को बताया 'नाकाम देश', रुबियो बोले — अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा

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ट्रंप ने क्यूबा को बताया 'नाकाम देश', रुबियो बोले — अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा

सारांश

ट्रंप और रुबियो ने एक ही दिन क्यूबा को 'नाकाम देश' और अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बताया। रुबियो ने रूस-चीन की खुफिया मौजूदगी का आरोप लगाया, तो स्टीफन मिलर ने ड्रोन हमले की चेतावनी दी — साथ ही मानवीय सहायता का दरवाज़ा भी खुला रखा।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 मई 2026 को ओवल ऑफिस में क्यूबा को 'नाकाम देश' बताया और वहाँ बिजली, पैसे व खाने की कमी का हवाला दिया।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया मौजूदगी है और वहाँ दोनों देशों के हथियार सिस्टम पहुँचे हैं।
डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने चेतावनी दी कि दुश्मन क्यूबा से ड्रोन के ज़रिए अमेरिकी इलाके पर हमला कर सकते हैं।
रुबियो ने मानवीय सहायता की पेशकश की, लेकिन शर्त रखी कि मदद केवल स्वतंत्र समूहों के ज़रिए दी जाएगी, क्यूबाई सेना से जुड़े संगठनों के माध्यम से नहीं।
ट्रंप ने दावा किया कि फ्लोरिडा के क्यूबा मूल के अमेरिकी क्यूबा में निवेश और पुनर्निर्माण के लिए तैयार हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 22 मई 2026 को क्यूबा के खिलाफ अपना रुख और कड़ा करते हुए उसे 'नाकाम देश' और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा करार दिया। दोनों नेताओं ने अलग-अलग मंचों से हवाना पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए, हालांकि बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना भी खुली रखी।

ट्रंप का ओवल ऑफिस बयान

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में नियमों में ढील से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'क्यूबा एक नाकाम देश है। हर कोई यह जानता है। वहाँ बिजली नहीं है। लोगों के पास पैसे नहीं हैं। उनके पास खाने तक की कमी है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे इंसानियत के नाते क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहते हैं।

ट्रंप ने फ्लोरिडा में बसे क्यूबा मूल के अमेरिकियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये लोग क्यूबा में निवेश करना और देश को फिर से खड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया, 'पिछले 50-60 वर्षों से दूसरे राष्ट्रपति इस बारे में सोचते रहे, लेकिन लगता है कि इसे मैं ही कर पाऊँगा।'

रुबियो की कड़ी चेतावनी

इससे कुछ घंटे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मियामी होमस्टेड एयरपोर्ट पर भारत रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए और कड़ा बयान दिया। रुबियो ने कहा, 'क्यूबा लगातार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा रहा है। हमारे तट से सिर्फ 90 मील दूर एक नाकाम देश होना, जिसे हमारे विरोधियों के दोस्त चला रहे हों, यह भी बड़ा खतरा है।'

रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया मौजूदगी है और वहाँ दोनों देशों के हथियार सिस्टम भी पहुँचे हैं। उन्होंने हवाना पर लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने वाले समूहों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया और कहा कि पूरे क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों में क्यूबा सबसे आगे रहा है।

व्हाइट हाउस की अतिरिक्त चेतावनी

व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी प्रशासन की चिंताओं को दोहराया। मिलर ने चेतावनी दी कि अमेरिका का कोई दुश्मन क्यूबा में हमला करने वाले ड्रोन भेज सकता है, जो वहाँ से बड़ी आसानी से अमेरिकी इलाके तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम अपने इतने करीब दुश्मनों, विरोधियों या आतंकवादियों का ठिकाना नहीं बनने दे सकते।'

मानवीय सहायता पर शर्त

रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका क्यूबा को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है, परंतु यह मदद केवल स्वतंत्र समूहों के ज़रिए दी जाएगी — क्यूबा की सेना से जुड़े संगठनों के माध्यम से नहीं। यह शर्त हवाना के लिए किसी भी राहत को व्यावहारिक रूप से जटिल बनाती है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट, बिजली की भारी कमी और बड़े पैमाने पर पलायन का सामना कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन का यह दोहरा रवैया — कड़ी भाषा के साथ-साथ मदद का संकेत — फ्लोरिडा के राजनीतिक समीकरणों और व्यापक भू-राजनीतिक दबाव, दोनों को एक साथ साधने की कोशिश है। आने वाले हफ्तों में वाशिंगटन की नीतिगत दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रिपब्लिकन आधार का अहम हिस्सा हैं। रुबियो के रूस-चीन वाले आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने के लिए कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया — जो पत्रकारिता की नज़र से एक बड़ा सवाल छोड़ता है। साथ ही, मानवीय सहायता पर 'स्वतंत्र समूहों' की शर्त व्यावहारिक रूप से इतनी संकरी है कि यह राहत से ज़्यादा दबाव का औज़ार लगती है। दशकों की नाकेबंदी के बाद भी क्यूबा की स्थिति नहीं बदली — यह सवाल पूछना ज़रूरी है कि और सख्ती से क्या अलग नतीजा निकलेगा।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने क्यूबा को 'नाकाम देश' क्यों कहा?
ट्रंप ने 22 मई 2026 को ओवल ऑफिस में कहा कि क्यूबा में बिजली नहीं है, लोगों के पास पैसे नहीं हैं और खाने तक की कमी है — इसीलिए उन्होंने उसे 'नाकाम देश' बताया। यह बयान नियमों में ढील से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में आया।
रुबियो ने क्यूबा पर क्या आरोप लगाए?
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा में रूस और चीन की खुफिया मौजूदगी है और वहाँ दोनों देशों के हथियार सिस्टम पहुँचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने वाले समूहों का समर्थन करता है।
स्टीफन मिलर ने क्यूबा को लेकर क्या चेतावनी दी?
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने चेतावनी दी कि अमेरिका का कोई दुश्मन क्यूबा में हमला करने वाले ड्रोन भेज सकता है, जो वहाँ से आसानी से अमेरिकी इलाके तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने इतने करीब दुश्मनों का ठिकाना नहीं बनने दे सकता।
क्या अमेरिका क्यूबा को कोई मदद देगा?
रुबियो ने कहा कि अमेरिका मानवीय सहायता देने को तैयार है, लेकिन यह मदद केवल स्वतंत्र समूहों के ज़रिए दी जाएगी — क्यूबा की सेना से जुड़े संगठनों के माध्यम से नहीं। इस शर्त के कारण व्यावहारिक सहायता की राह काफी संकरी हो जाती है।
ट्रंप ने फ्लोरिडा के क्यूबा-अमेरिकियों का ज़िक्र क्यों किया?
ट्रंप ने कहा कि फ्लोरिडा में रहने वाले क्यूबा मूल के अमेरिकी क्यूबा में निवेश करना और देश को फिर से खड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने इसे क्यूबा के पुनर्निर्माण की संभावना के रूप में पेश किया और दावा किया कि वे इस काम को अंजाम दे सकते हैं जो पिछले 50-60 वर्षों में कोई राष्ट्रपति नहीं कर पाया।
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