महाकाल मंदिर उज्जैन में ज्येष्ठ अधिकमास षष्ठी पर भस्म आरती, हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब
सारांश
मुख्य बातें
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि — 22 मई 2026 — को भोर की भस्म आरती के अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। अधिकमास के पावन संयोग ने इस आरती को और अधिक विशेष बना दिया, जिसके चलते भक्त देर रात से ही लंबी कतारों में खड़े रहे।
मुख्य घटनाक्रम
परंपरा के अनुसार, प्रातःकाल भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयकारों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। सर्वप्रथम भगवान को जल अर्पित किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से निर्मित पंचामृत से दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ।
भस्म आरती और विशेष शृंगार
अभिषेक के उपरांत बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें चांदी के नाग, मुंडमाला और ताजे बेलपत्रों से सजाया गया। तत्पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती का यह क्षण वह होता है जब भक्तों की मान्यता के अनुसार शिव 'निराकार से साकार' रूप में प्रकट होते हैं — अर्थात् अनंत और रूपहीन परमात्मा भक्तों के कल्याण के लिए एक पूजनीय स्वरूप धारण करते हैं। इस अद्भुत दृश्य को देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
अधिकमास का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में महाकाल के दर्शन का फल कई गुना अधिक माना जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाती है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी भक्त इस विशेष संयोग में बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुँचते हैं।
विशिष्ट अतिथियों का आगमन
मंदिर में आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई著名 हस्तियाँ भी दर्शन के लिए आती रही हैं। अभिनेता सुनील शेट्टी अपने पुत्र अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर 2' की रिलीज़ से पहले और बाद में बाबा के दरबार में हाजिरी दे चुके हैं। इसी क्रम में गुरुवार को भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा और उनके पति-अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत भी बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे।
आगे का दृष्टिकोण
ज्येष्ठ अधिकमास का यह पावन काल जारी है, और मंदिर प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।