8 जुलाई 2026
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महाकाल मंदिर उज्जैन में ज्येष्ठ अधिकमास षष्ठी पर भस्म आरती, हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब

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महाकाल मंदिर उज्जैन में ज्येष्ठ अधिकमास षष्ठी पर भस्म आरती, हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब

सारांश

ज्येष्ठ अधिकमास की षष्ठी तिथि पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती का अलौकिक नजारा देखने को मिला। देर रात से कतारों में खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने 'निराकार से साकार' होते बाबा के दर्शन किए। अधिकमास के विशेष पुण्यकाल ने इस आस्था के उत्सव को और भव्य बना दिया।

मुख्य बातें

22 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल षष्ठी पर उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में हजारों श्रद्धालु भस्म आरती के लिए उमड़े।
भोर में भगवान वीरभद्र की आज्ञा के बाद कपाट खोले गए; पंचामृत अभिषेक और विशेष शृंगार संपन्न हुआ।
महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पण के साथ भस्म आरती का अलौकिक क्षण संपन्न हुआ।
अभिनेता सुनील शेट्टी फिल्म 'बॉर्डर 2' की रिलीज़ के संदर्भ में मंदिर आए; अभिनेत्री मोनालिसा और विक्रांत सिंह राजपूत गुरुवार को दर्शन के लिए पहुँचे।
अधिकमास में महाकाल दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिससे इस अवधि में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि22 मई 2026 — को भोर की भस्म आरती के अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। अधिकमास के पावन संयोग ने इस आरती को और अधिक विशेष बना दिया, जिसके चलते भक्त देर रात से ही लंबी कतारों में खड़े रहे।

मुख्य घटनाक्रम

परंपरा के अनुसार, प्रातःकाल भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयकारों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। सर्वप्रथम भगवान को जल अर्पित किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से निर्मित पंचामृत से दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ।

भस्म आरती और विशेष शृंगार

अभिषेक के उपरांत बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें चांदी के नाग, मुंडमाला और ताजे बेलपत्रों से सजाया गया। तत्पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती का यह क्षण वह होता है जब भक्तों की मान्यता के अनुसार शिव 'निराकार से साकार' रूप में प्रकट होते हैं — अर्थात् अनंत और रूपहीन परमात्मा भक्तों के कल्याण के लिए एक पूजनीय स्वरूप धारण करते हैं। इस अद्भुत दृश्य को देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

अधिकमास का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में महाकाल के दर्शन का फल कई गुना अधिक माना जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाती है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी भक्त इस विशेष संयोग में बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुँचते हैं।

विशिष्ट अतिथियों का आगमन

मंदिर में आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई著名 हस्तियाँ भी दर्शन के लिए आती रही हैं। अभिनेता सुनील शेट्टी अपने पुत्र अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर 2' की रिलीज़ से पहले और बाद में बाबा के दरबार में हाजिरी दे चुके हैं। इसी क्रम में गुरुवार को भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा और उनके पति-अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत भी बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे।

आगे का दृष्टिकोण

ज्येष्ठ अधिकमास का यह पावन काल जारी है, और मंदिर प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु अधिकमास जैसे दुर्लभ धार्मिक संयोगों में यह भीड़ प्रशासनिक क्षमता की असली परीक्षा बन जाती है। उज्जैन में पर्यटन और आस्था का यह संगम स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है, लेकिन भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा प्रबंधन और दर्शन-व्यवस्था की पर्याप्तता पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है। फिल्मी हस्तियों का मंदिर आगमन आस्था की सार्वजनिक अभिव्यक्ति के साथ-साथ इस तीर्थस्थल की राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान को भी रेखांकित करता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाकाल की भस्म आरती क्या है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
भस्म आरती उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन भोर में होने वाली एक अनूठी पूजा है, जिसमें बाबा महाकाल को चिता की भस्म अर्पित की जाती है। यह विश्व की एकमात्र ऐसी आरती मानी जाती है जहाँ भस्म से शिव का शृंगार होता है, इसीलिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इसके दर्शन के लिए आते हैं।
ज्येष्ठ अधिकमास में महाकाल दर्शन का क्या विशेष महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास एक दुर्लभ पुण्यकाल होता है जो लगभग तीन वर्षों में एक बार आता है। इस अवधि में तीर्थ दर्शन और पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक माना जाता है, जिसके कारण महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
भस्म आरती में 'निराकार से साकार' का क्या अर्थ है?
यह शिव के उस आध्यात्मिक रूपांतरण को दर्शाता है जिसमें अनंत और रूपहीन परमात्मा (निराकार) भक्तों के कल्याण के लिए एक पूजनीय और दृश्यमान स्वरूप (साकार) में प्रकट होते हैं। भस्म अर्पण के क्षण को भक्त इसी दिव्य प्रकटीकरण के रूप में अनुभव करते हैं।
22 मई 2026 की भस्म आरती में कौन-सी हस्तियाँ महाकाल दर्शन के लिए आईं?
गुरुवार को भोजपुरी अभिनेत्री मोनालिसा और उनके पति-अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुँचे। इससे पहले अभिनेता सुनील शेट्टी अपने पुत्र अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर 2' की रिलीज़ के आसपास मंदिर में आ चुके हैं।
महाकाल भस्म आरती के दर्शन के लिए कैसे बुकिंग करें?
महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और प्रशासन द्वारा निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भस्म आरती के लिए पूर्व बुकिंग की जा सकती है। अधिकमास जैसे विशेष अवसरों पर भारी भीड़ को देखते हुए अग्रिम बुकिंग की सलाह दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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