एनसीआर में भीषण हीट वेव: 22 से 27 मई तक 45°C पार रहेगा पारा, रातें भी नहीं देंगी राहत
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 22 मई 2025 से भीषण हीट वेव का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 27 मई तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आएगा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 30–31 डिग्री के आसपास बना रहेगा। यह लगातार पाँच दिनों की 'वार्म नाइट' स्थिति एनसीआर निवासियों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।
तापमान का दिन-वार पूर्वानुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार 22 मई को अधिकतम तापमान 45°C और न्यूनतम 31°C दर्ज होने की संभावना है। 23 और 24 मई को भी यही स्तर — अधिकतम 45°C और न्यूनतम 31°C — बने रहने का अनुमान है। 25, 26 और 27 मई को अधिकतम तापमान 45°C और न्यूनतम 30°C के करीब रहेगा। दोपहर और शाम के समय तेज़ सतही हवाएँ चलेंगी, लेकिन ये हवाएँ गर्म और शुष्क होने के कारण राहत की बजाय परेशानी और बढ़ाएँगी।
गर्म रातें: 'वार्म नाइट' का खतरा
आमतौर पर रात के समय तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिलती है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहेंगी। 31°C तक का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर है, जिससे शरीर को पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पाती और हीट स्ट्रेस का संचय होता रहता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मई के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के चलते मानसून-पूर्व राहत की कोई संभावना नहीं दिखती।
स्वास्थ्य पर असर: अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी
लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त और बेहोशी के मामलों में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है। एनसीआर के कई सरकारी और निजी अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीज़ों की ओपीडी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से न निकलने, खूब पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
क्या होगा आगे
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मई के अंत तक एनसीआर में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना कम है। 27 मई के बाद की स्थिति मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी। फिलहाल प्रशासन से अपील की जा रही है कि बेघर और दिहाड़ी मज़दूरों के लिए शीतल पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, क्योंकि ये वर्ग हीट वेव से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।