एनसीआर में 45°C पार तापमान, 25 मई तक ऑरेंज अलर्ट; लू और प्रदूषण की दोहरी मार

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एनसीआर में 45°C पार तापमान, 25 मई तक ऑरेंज अलर्ट; लू और प्रदूषण की दोहरी मार

सारांश

एनसीआर में 45°C पार तापमान और IMD का 25 मई तक ऑरेंज अलर्ट — गर्मी और प्रदूषण की दोहरी मार से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद बेहाल। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ रहे हैं, लोनी में AQI 339 तक पहुंचा।

मुख्य बातें

IMD ने 20 मई 2025 से 25 मई 2025 तक एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज हुआ।
गाजियाबाद के लोनी में AQI 339 — 'बेहद खराब' श्रेणी; ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-5 में 280 ।
अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में वृद्धि।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर में घर से न निकलने की सलाह दी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इस समय भीषण लू और तपती गर्मी की चपेट में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 मई 2025 को 25 मई तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, और रात के तापमान में भी राहत नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

IMD के अनुसार अगले कई दिनों तक एनसीआर में हीट वेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। दोपहर के समय तेज गर्म हवाएं चलेंगी और शाम तक भी गर्मी का असर कम नहीं होगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के मैदानी इलाके हर साल मई-जून में भीषण गर्मी की चपेट में आते हैं, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज हो रहा है।

तेज धूप, गर्म हवाओं के थपेड़ों और उमस भरे मौसम ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कई इलाकों में लोग सिर ढंककर और पानी की बोतल साथ लेकर निकलने को मजबूर हैं।

स्वास्थ्य पर असर

अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

वायु गुणवत्ता की स्थिति

भीषण गर्मी के साथ-साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने भी चिंता बढ़ाई है। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में AQI 339 दर्ज किया गया — जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। वेद विहार-लोनी में AQI 312 और संजय नगर में 274 रिकॉर्ड किया गया।

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 और नॉलेज पार्क-5 में AQI क्रमशः 269 और 280 दर्ज हुआ — 'खराब' श्रेणी में। दिल्ली के कई इलाकों में भी AQI मध्यम से खराब श्रेणी के बीच बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान और प्रदूषण मिलकर लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक कर रहा है। IMD ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। गौरतलब है कि ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर है और इससे स्वास्थ्य व दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आगे का अनुमान

IMD के अनुसार 25 मई 2025 तक एनसीआर में गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। ऐसे में क्षेत्र के निवासियों को अभी और कई दिनों तक इस भीषण तपिश को झेलना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में गिरावट तभी आएगी जब मानसून पूर्व बारिश या पश्चिमी विक्षोभ का असर इस क्षेत्र तक पहुंचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार 45°C से अधिक तापमान और 300 से ऊपर AQI का एक साथ आना एक खतरनाक संयोग है जिसे महज मौसमी घटना नहीं माना जाना चाहिए। गर्मी और वायु प्रदूषण का यह मेल — जिसे विशेषज्ञ 'compound heat-pollution event' कहते हैं — कमजोर वर्गों के लिए विशेष रूप से जानलेवा हो सकता है। प्रशासनिक जागरूकता अभियान तो चल रहे हैं, लेकिन शहरी ताप द्वीप प्रभाव (urban heat island) को कम करने के दीर्घकालिक उपायों पर नीतिगत चर्चा अभी भी अपर्याप्त है। जब तक हरित आवरण और शहरी नियोजन को प्राथमिकता नहीं दी जाती, यह संकट हर गर्मी में और गहरा होता रहेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
IMD द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर है और इससे स्वास्थ्य, दैनिक जीवन तथा आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह अलर्ट लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की चेतावनी देता है।
एनसीआर में गर्मी से राहत कब मिलेगी?
IMD के अनुसार 25 मई 2025 तक एनसीआर में लू और भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मानसून पूर्व बारिश या पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है।
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में AQI की स्थिति क्या है?
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में AQI 339 दर्ज किया गया है जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। वेद विहार-लोनी में 312, संजय नगर में 274, और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 व नॉलेज पार्क-5 में क्रमशः 269 और 280 AQI दर्ज हुआ — सभी 'खराब' से 'बेहद खराब' श्रेणी में।
भीषण गर्मी में स्वास्थ्य की रक्षा कैसे करें?
डॉक्टरों ने अधिक पानी पीने, दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
हीट वेव और प्रदूषण एक साथ स्वास्थ्य पर कैसे असर डालते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ता तापमान और उच्च AQI एक साथ मिलकर श्वसन तंत्र, हृदय और किडनी पर गंभीर दबाव डालते हैं। इससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, खासकर कमजोर वर्गों के लिए।
राष्ट्र प्रेस
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