एनसीआर में 45°C पार तापमान, 25 मई तक ऑरेंज अलर्ट; लू और प्रदूषण की दोहरी मार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इस समय भीषण लू और तपती गर्मी की चपेट में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 मई 2025 को 25 मई तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, और रात के तापमान में भी राहत नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
IMD के अनुसार अगले कई दिनों तक एनसीआर में हीट वेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। दोपहर के समय तेज गर्म हवाएं चलेंगी और शाम तक भी गर्मी का असर कम नहीं होगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के मैदानी इलाके हर साल मई-जून में भीषण गर्मी की चपेट में आते हैं, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज हो रहा है।
तेज धूप, गर्म हवाओं के थपेड़ों और उमस भरे मौसम ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कई इलाकों में लोग सिर ढंककर और पानी की बोतल साथ लेकर निकलने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य पर असर
अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को अधिक पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
वायु गुणवत्ता की स्थिति
भीषण गर्मी के साथ-साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने भी चिंता बढ़ाई है। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में AQI 339 दर्ज किया गया — जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। वेद विहार-लोनी में AQI 312 और संजय नगर में 274 रिकॉर्ड किया गया।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 और नॉलेज पार्क-5 में AQI क्रमशः 269 और 280 दर्ज हुआ — 'खराब' श्रेणी में। दिल्ली के कई इलाकों में भी AQI मध्यम से खराब श्रेणी के बीच बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान और प्रदूषण मिलकर लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक कर रहा है। IMD ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। गौरतलब है कि ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर है और इससे स्वास्थ्य व दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
आगे का अनुमान
IMD के अनुसार 25 मई 2025 तक एनसीआर में गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। ऐसे में क्षेत्र के निवासियों को अभी और कई दिनों तक इस भीषण तपिश को झेलना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में गिरावट तभी आएगी जब मानसून पूर्व बारिश या पश्चिमी विक्षोभ का असर इस क्षेत्र तक पहुंचे।