ट्रंप ने क्यूबा पर बड़े ऐलान के दिए संकेत, बोले — 'वहां के लोग बहुत अच्छे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 मई 2025 को पत्रकारों से बातचीत में क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए और कहा कि क्यूबा को लेकर 'बहुत जल्द बड़ी घोषणा' की जा सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने क्यूबा क्रांति के नेता राउल कास्त्रो पर आरोप तय किए हैं और अमेरिकी सदर्न कमांड ने निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के कैरेबियन क्षेत्र में पहुँचने की घोषणा की है।
क्यूबा पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने क्यूबा को एक 'असफल देश' बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वहाँ के लोग 'बहुत अच्छे' हैं। उन्होंने कहा, 'वहाँ न खाना है, न बिजली और न ऊर्जा बची है, लेकिन वहाँ के लोग बहुत अच्छे हैं।' उनके अनुसार, क्यूबा मूल के अमेरिकियों ने उन्हें 94 प्रतिशत तक समर्थन दिया और यह मुद्दा फ्लोरिडा के कई परिवारों के लिए गहरे भावनात्मक महत्व का है।
जब उनसे पूछा गया कि क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध कितने समय तक जारी रहेंगे, तो उन्होंने कहा, 'देखते हैं। हम बहुत जल्द इसकी घोषणा करेंगे।' ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि क्यूबा को लेकर किसी तरह का तनाव बढ़ने वाला नहीं है — 'वहाँ के हालात पहले ही खराब हैं, पूरा देश बिखरा हुआ है।'
गौरतलब है कि क्यूबा मूल के अमेरिकी पिछले 65 वर्षों से वॉशिंगटन और हवाना के बीच तनाव का असर झेलते आए हैं। ट्रंप का इशारा इन्हीं परिवारों की ओर था जो दशकों से संबंध सामान्य होने की प्रतीक्षा में हैं।
ईरान परमाणु वार्ता अंतिम चरण में
ट्रंप ने ईरान के साथ जारी परमाणु वार्ता के बारे में कहा कि बातचीत 'अंतिम चरण' में है। उन्होंने कहा, 'अब ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले लोग पहले के अधिकारियों से ज़्यादा व्यावहारिक हैं — वे युद्ध की बजाय बातचीत को बेहतर मानते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कुछ दिन इंतजार करके युद्ध टाला जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके, तो यह बेहतर विकल्प है।
हालाँकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता, तब तक प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बातचीत के दौरान राहत देने की खबरों को सिरे से खारिज किया। यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका 'कड़ा रुख' अपना सकता है।
सैन्य अभियान और अर्थव्यवस्था पर दावे
ट्रंप ने ईरान से जुड़े हालिया सैन्य अभियानों का बचाव करते हुए दावा किया कि अमेरिका की नाकेबंदी के कारण स्ट्रेट इलाके से तेल की कोई खेप नहीं गुजर पाई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोजगार पर उसके असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और देश में 'रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियाँ' हैं।
क्षेत्रीय सैन्य तैनाती
अमेरिकी सदर्न कमांड की घोषणा के अनुसार, निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप — जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर, उसका एयर विंग और कम से कम एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर शामिल है — कैरेबियन क्षेत्र में पहुँच चुका है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब क्यूबा नीति पर अमेरिकी प्रशासन के भीतर हलचल तेज है।
आगे क्या होगा
ट्रंप के 'बड़ी घोषणा जल्द' वाले बयान के बाद अब सबकी नजर वॉशिंगटन पर है। विश्लेषकों के अनुसार, यह घोषणा क्यूबा पर दशकों पुराने अमेरिकी प्रतिबंधों की दिशा तय कर सकती है। ईरान वार्ता के नतीजे और कैरेबियन में सैन्य तैनाती — दोनों मिलकर अमेरिकी विदेश नीति के अगले अध्याय की रूपरेखा तय करेंगे।