क्यूबा के राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने ट्रंप की सैन्य धमकियों की निंदा की, अमेरिकी जनता से की अपील
सारांश
Key Takeaways
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती सैन्य धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिकी जनता से सीधा सवाल पूछा है कि क्या वे ऐसे "गंभीर आपराधिक कृत्य" को होने देंगे। हवाना से जारी इस बयान में डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की धमकियों को खतरनाक और असामान्य स्तर तक बढ़ा रहे हैं।" यह तनाव उस समय और गहरा हो गया जब ट्रंप ने शुक्रवार, 2 मई 2025 को क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
ट्रंप की धमकियों का ब्यौरा
फ्लोरिडा के पाम बीच में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "बहुत जल्द" क्यूबा पर नियंत्रण कर सकता है, जब वह "एक काम खत्म कर लेगा" — जिसका इशारा कथित तौर पर मध्य पूर्व में ईरान के साथ चल रहे तनाव की ओर था। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को कैरेबियाई क्षेत्र में भेज सकते हैं, जो "ईरान से लौटते समय" क्यूबा के तट से लगभग 100 गज की दूरी पर रुक सकता है। इस बयान को क्यूबाई नेतृत्व ने खुली सैन्य उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखा।
क्यूबाई नेतृत्व की प्रतिक्रिया
डियाज-कैनेल ने स्पष्ट कहा कि कोई भी आक्रमणकारी, "चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो," क्यूबा को झुका नहीं सकता, बल्कि उसे "संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध जनता" का सामना करना पड़ेगा। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रॉड्रिग्ज परीला ने भी एक्स पर कहा कि ट्रंप की "स्पष्ट और सीधी" सैन्य हमले की धमकी ने क्यूबा के खिलाफ आक्रामकता को खतरनाक स्तर तक पहुँचा दिया है। रॉड्रिग्ज ने यह भी जोड़ा कि ये कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं और क्षेत्राधिकार से पूरी तरह बाहर हैं।
नए प्रतिबंध और क्यूबा की आपत्ति
ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश में अमेरिका के भीतर या उसके नियंत्रण में आने वाली संबंधित संपत्तियों को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है। क्यूबा ने इन प्रतिबंधों को "एकतरफा" बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है। रॉड्रिग्ज ने कहा, "हम अमेरिकी सरकार द्वारा अपनाए गए हालिया एकतरफा उपायों को पूरी तरह खारिज करते हैं।" क्यूबा का तर्क है कि ये कदम क्यूबाई जनता को सामूहिक रूप से दंडित करने की मंशा को दर्शाते हैं और अमेरिका को क्यूबा या किसी तीसरे देश पर ऐसे प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है।
मे डे पर जन-समर्थन का प्रदर्शन
रॉड्रिग्ज ने बताया कि क्यूबा की क्रांति के प्रति जनसमर्थन का व्यापक प्रदर्शन शुक्रवार, 1 मई 2025 को मे डे के अवसर पर हुआ, जब लाखों लोग सड़कों पर उतरे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट और अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव से जूझ रहा है। यह प्रदर्शन क्यूबाई नेतृत्व के लिए घरेलू समर्थन का संकेत देने का एक अवसर बन गया।
आगे क्या होगा
अमेरिका-क्यूबा संबंध एक बार फिर शीत युद्ध-काल की तल्खी की ओर लौटते दिख रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप की यह आक्रामक भाषा फ्लोरिडा के क्यूबाई-अमेरिकी मतदाताओं को ध्यान में रखकर की गई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे पर संभावित बहस आने वाले दिनों में इस तनाव की दिशा तय करेगी।