ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया 4 मई: सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें भद्रा और राहुकाल का सटीक समय

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ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया 4 मई: सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का दुर्लभ संयोग, जानें भद्रा और राहुकाल का सटीक समय

सारांश

4 मई (सोमवार) को ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है — शुभ कार्यों के लिए यह दिन विशेष अनुकूल है। लेकिन भद्रा की छाया शाम 4:12 से अगले दिन तक रहेगी, जिससे सावधानी ज़रूरी है।

Key Takeaways

ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया तिथि 4 मई 2025 (सोमवार) को है, जो 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:38 से 9:58 तक — शुभ कार्यों के लिए उत्तम। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:51 से 12:45 तक — पूजा और नए कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ। भद्रा की छाया शाम 4:12 से 5 मई की सुबह 5:24 तक — इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्य टालें। राहुकाल सुबह 7:18 से 8:58 तक; दुर्मुहूर्त दोपहर 12:48 से 1:38 तक। नक्षत्र अनुराधा सुबह 9:58 तक, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रभावी।

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 मई 2025 (सोमवार) को पड़ रही है, जिस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के पाँच अंगों — नक्षत्र, योग, करण, तिथि और वार — के आधार पर यह दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। साथ ही भद्रा और राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचने की सलाह ज्योतिष शास्त्र में दी गई है।

पंचांग की मुख्य जानकारी

पंचांग के अनुसार 4 मई को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 58 मिनट पर। चंद्रोदय रात 9 बजकर 42 मिनट पर होगा व चंद्रास्त अगले दिन 5 मई की सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा।

तृतीया तिथि 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र अनुराधा सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग परिघ रात 11 बजकर 20 मिनट तक और करण वणिज दोपहर 4 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

सोमवार के शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना विशेष रूप से अधिक मानी जाती है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक रहेगा — यह समय ध्यान, पूजा और मंत्र-जाप के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, जो नए कार्य आरंभ करने और पूजा-पाठ के लिए उत्तम है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 5 मई की दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय — राहुकाल, भद्रा और अन्य

इस दिन राहुकाल सुबह 7 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 10 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य समय दोपहर 4 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 3 मिनट तक व दोपहर 3 बजकर 25 मिनट से 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

विशेष ध्यान देने योग्य है कि भद्रा की छाया शाम 4 बजकर 12 मिनट से 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी — इस अवधि में यात्रा और महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है।

बाण योग और अन्य विशेष योग

गण्ड मूल सुबह 9 बजकर 58 मिनट से 5 मई की सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। बाण योग में मृत्यु बाण रात 10 बजकर 16 मिनट तक और अग्नि बाण रात 10 बजकर 16 मिनट से पूर्ण रात्रि तक प्रभावी रहेगा। विंछुड़ो पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जिसका विशेष ध्यान रखने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है।

गौरतलब है कि सनातन परंपरा में पंचांग का पालन केवल धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं है — विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ जैसे जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी मुहूर्त का विचार किया जाता है। 4 मई को सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त के संयोग से यह दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष अनुकूल माना जा रहा है।

Point of View

और इसे केवल अंधविश्वास की श्रेणी में रखना अनुचित सरलीकरण होगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी और ग्रामीण दोनों वर्गों में ज्योतिष और मुहूर्त के प्रति रुचि डिजिटल माध्यमों से और बढ़ी है। हालाँकि, पंचांग की जानकारी विभिन्न स्रोतों में थोड़ी भिन्न हो सकती है, इसलिए पाठकों को अपने स्थानीय पंडित या प्रामाणिक पंचांग से भी पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

4 मई 2025 को सर्वार्थ सिद्धि योग कितने बजे से कितने बजे तक है?
सर्वार्थ सिद्धि योग 4 मई 2025 को सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस योग में शुभ कार्य करने से सफलता मिलने की संभावना ज्योतिष शास्त्र में विशेष रूप से बताई जाती है।
4 मई को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?
4 मई (सोमवार) को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह समय पूजा-पाठ और नए कार्य आरंभ करने के लिए उत्तम माना जाता है।
4 मई को भद्रा का समय क्या है और इससे क्यों बचना चाहिए?
4 मई को भद्रा की छाया शाम 4 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा काल में यात्रा, विवाह और अन्य महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है।
4 मई 2025 को राहुकाल कब है?
4 मई (सोमवार) को राहुकाल सुबह 7 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्य या यात्रा आरंभ करना अशुभ माना जाता है।
ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया तिथि कब तक रहेगी?
ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया तिथि 4 मई 2025 को प्रारंभ होकर 5 मई 2025 की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इस दिन नक्षत्र अनुराधा सुबह 9:58 तक और उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रभावी रहेगा।
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