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जब 'हमराज' के सेट पर नरगिस सुनील दत्त को बिल्कुल नहीं पहचान सकीं, मेकअप आर्टिस्ट को दे दी कीमती घड़ी

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जब 'हमराज' के सेट पर नरगिस सुनील दत्त को बिल्कुल नहीं पहचान सकीं, मेकअप आर्टिस्ट को दे दी कीमती घड़ी

सारांश

नरगिस दत्त की पुण्यतिथि पर एक अविस्मरणीय पर्दे के पीछे का किस्सा — जब 'हमराज' के सेट पर मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर की शानदार कारीगरी ने सुनील दत्त को इतना बदल दिया कि नरगिस अपने पति को ही नहीं पहचान सकीं। इस अद्भुत मेकअप के लिए नरगिस ने उन्हें अपनी कीमती घड़ी भेंट कर दी — एक अनोखी कृतज्ञता का प्रतीक।

मुख्य बातें

नरगिस दत्त की पुण्यतिथि 3 मई 1981 को है, जब वे 51 साल की उम्र में पैंक्रियाटिक कैंसर से गुज़र गईं।
फिल्म 'हमराज' के सेट पर मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर ने सुनील दत्त को 110 साल के बूढ़े का रूप दिया, जिसे नरगिस नहीं पहचान सकीं।
नरगिस ने करीब दो घंटे तक सुनील दत्त का इंतज़ार किया, जब तक सच्चाई सामने नहीं आई।
इस अद्भुत मेकअप के लिए नरगिस ने मेकअप आर्टिस्ट को अपनी कीमती घड़ी भेंट कर दी।
नरगिस को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था; 'मदर इंडिया' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड और कार्लोवी वैरी में बेस्ट एक्ट्रेस पुरस्कार मिले।
उनके निधन के बाद 1982 में नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन की स्थापना की गई।

नई दिल्ली, 3 मई। भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक नरगिस दत्त की पुण्यतिथि पर आज उनके जीवन से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा याद आता है — जब 3 मई 1981 को मात्र 51 साल की उम्र में पैंक्रियाटिक कैंसर के कारण उनका निधन हुआ। लेकिन उससे पहले, फिल्मों के सेट पर उनका एक अविस्मरणीय प्रसंग दर्ज है, जब वे अपने पति सुनील दत्त को ही नहीं पहचान सकीं — और इसके बाद एक कृतज्ञता की अनूठी परंपरा का जन्म हुआ।

फिल्म 'हमराज' का मेकअप किस्सा

फिल्म 'हमराज' की शूटिंग के दौरान सुनील दत्त को 110 साल के बूढ़े बाबा का किरदार निभाना था। प्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर ने सुनील दत्त का ऐसा असाधारण मेकअप किया कि वे बिल्कुल एक असली बुजुर्ग की तरह दिखने लगे — सफेद दाढ़ी, झुर्रियाँ, और झुका हुआ शरीर सब कुछ बिल्कुल सटीक था। नरगिस जब सेट पर पहुँचीं, तो उन्होंने चारों ओर देखा और स्टाफ से पूछने लगीं,

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीति और परिवार की जिम्मेदारियों तक फैला था। 'हमराज' का मेकअप किस्सा उनके व्यक्तित्व का एक छोटा सा पहलू है — वह कला और कारीगरी की सराहना करने वाली, विनम्र और कृतज्ञ महिला थीं। लेकिन असली विरासत न तो फिल्में हैं और न ही वह घड़ी — यह नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन है, जो 40 साल से अधिक समय से कैंसर पीड़ितों के जीवन को बदल रहा है। उनकी पुण्यतिथि पर, हम उनके अभिनय को नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी सहानुभूति को याद करते हैं जिसे उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद भी जीवंत रखा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरगिस दत्त का असली नाम क्या था?
नरगिस दत्त का असली नाम फातिमा रशीद था। उनका जन्म 1 जून 1929 को कोलकाता में हुआ था। बचपन से ही वे अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहीं।
'हमराज' के सेट पर नरगिस ने सुनील दत्त को क्यों नहीं पहचाना?
सुनील दत्त को 110 साल के बूढ़े बाबा का किरदार निभाना था, और मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर ने उनका इतना शानदार मेकअप किया कि वे बिल्कुल एक असली बुजुर्ग लगने लगे। नरगिस को सच्चाई का पता तभी चला जब पंडरी दादा ने करीब दो घंटे बाद उन्हें बताया।
नरगिस ने मेकअप आर्टिस्ट को क्या भेंट किया?
इस अद्भुत मेकअप कारीगरी के लिए नरगिस ने मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर को अपनी कीमती घड़ी भेंट कर दी। यह उनकी कृतज्ञता और कला के प्रति सम्मान का प्रतीक था।
नरगिस और सुनील दत्त की शादी कब हुई?
नरगिस और सुनील दत्त की शादी 11 मार्च 1958 को हुई थी। 'मदर इंडिया' की शूटिंग के दौरान आग के एक दृश्य में सुनील दत्त ने नरगिस की जान बचाई थी, जिसके बाद उनका प्रेम गहरा हुआ।
नरगिस दत्त को कौन-कौन से पुरस्कार मिले?
नरगिस को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 'मदर इंडिया' के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड और 'रात और दिन' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। कार्लोवी वैरी अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला।
राष्ट्र प्रेस
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