फिट इंडिया का 72वां संडे ऑन साइकिल, किसानों को फिटनेस अभियान में शामिल किया
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सारांश
फिट इंडिया का 72वां संडे ऑन साइकिल अभियान किसानों को केंद्र में रखकर आयोजित हुआ, जो PM के 'फिटनेस का डोज़ आधा घंटा रोज़' के नारे को जमीनी स्तर पर साकार करने का प्रयास दर्शाता है। सुशांत कंडवाल ने बताया कि समाज के विभिन्न वर्गों की स्वेच्छा से भागीदारी इस अभियान की सफलता की कहानी है।
Key Takeaways
फिट इंडिया का 72वां संडे ऑन साइकिल अभियान 3 मई को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इस बार का विशेष फोकस किसान समुदाय को फिटनेस अभियान में शामिल करना था। सुशांत कंडवाल ने कहा कि PM के 'फिटनेस का डोज़ आधा घंटा रोज़' के संदेश को पूरी सक्षमता से आगे बढ़ाया जा रहा है। लोग अपनी रविवार की छुट्टी में आराम के बजाय इस अभियान से स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं। साइकिलिंग के माध्यम से स्वास्थ्य, पर्यावरण जागरूकता और मोटापे की समस्या से लड़ना इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य हैं।
नई दिल्ली, 3 मई — फिट इंडिया मूवमेंट के तहत रविवार को नई दिल्ली में 'संडे ऑन साइकिल' का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई। इस बार का विशेष फोकस किसान समुदाय को शामिल करना था, जिसे फिट इंडिया के निदेशक सुशांत कंडवाल ने प्रधानमंत्री के 'फिटनेस का डोज़ आधा घंटा रोज़' के दृष्टिकोण के साथ जोड़ा।
72वां संडे ऑन साइकिल अभियान
फिट इंडिया के निदेशक सुशांत कंडवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह आयोजन का 72वां एडिशन था। उन्होंने कहा,
Point of View
लेकिन इसे जमीनी स्तर पर ले जाना एक बड़ी उपलब्धि है। किसान समुदाय को शामिल करने का निर्णय विशेषकर महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य जागरूकता अभी भी पिछड़ी हुई है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या ये सप्ताहिक आयोजन दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन ला रहे हैं, या ये महज़ प्रतीकात्मक कदम हैं। भारत में मोटापे की दर पिछले दशक में दोगुनी हुई है, और एकल साइकिलिंग अभियान से बदलाव की गति संदेह के दायरे में रहती है।
NationPress
03/05/2026
Frequently Asked Questions
संडे ऑन साइकिल अभियान क्या है?
यह फिट इंडिया मूवमेंट के तहत हर रविवार को देशभर में आयोजित किया जाने वाला फिटनेस जागरूकता अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के 'फिटनेस का डोज़ आधा घंटा रोज़' के संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाना है।
3 मई को नई दिल्ली में आयोजित संडे ऑन साइकिल का 72वां एडिशन क्या था?
यह फिट इंडिया के निदेशक सुशांत कंडवाल द्वारा आयोजित 72वां क्रमागत संडे ऑन साइकिल अभियान था, जिसमें इस बार विशेष रूप से किसान समुदाय को शामिल किया गया।
इस अभियान में किसान समुदाय को क्यों शामिल किया गया?
सुशांत कंडवाल ने किसानों को 'अन्नदाता' कहते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को फिटनेस अभियान में शामिल करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। किसान समुदाय की बड़ी संख्या में भागीदारी दर्शाती है कि ग्रामीण भारत भी स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति सजग हो रहा है।
सुशांत कंडवाल ने इस अभियान की सफलता को कैसे मापा?
कंडवाल ने कहा कि लोगों की स्वेच्छा से भागीदारी ही इस अभियान की असली उपलब्धि है। वे अपनी रविवार की छुट्टी में आराम के बजाय इस अभियान से जुड़ते हैं, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
साइकिलिंग अभियान का पर्यावरण से क्या संबंध है?
साइकिल एक पर्यावरण-अनुकूल परिवहन माध्यम है, जो प्रदूषण नहीं फैलाता। संडे ऑन साइकिल अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाता है।