इराक ने 14 साल बाद अल-यारूबियाह मार्ग से सीरिया को तेल निर्यात शुरू किया, 70 टैंकरों का काफिला रवाना
सारांश
14 साल की खामोशी के बाद अल-यारूबियाह सीमा एक बार फिर सक्रिय हो गई है — 70 टैंकरों का काफिला इराक से सीरिया की बानियाज रिफाइनरी की ओर रवाना हुआ। यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच इराक की वैकल्पिक मार्ग की तलाश को दर्शाता है।
मुख्य बातें
इराक ने 3 मई 2025 को अल-यारूबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए 14 वर्षों बाद सीरिया को तेल निर्यात फिर से शुरू किया।
70 टैंकरों का काफिला सीरिया की बानियाज रिफाइनरी की ओर रवाना हुआ।
यह क्रॉसिंग 2011 में सीरियाई गृहयुद्ध के बाद बंद हुई थी; 2014 में आईएसआईएल ने कब्जा किया था, जिसे बाद में इराकी कुर्द बलों ने वापस लिया।
अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी से ईरान को कथित तौर पर $4.8 अरब (लगभग ₹45,600 करोड़) के तेल राजस्व का नुकसान हुआ — यह आकलन पेंटागन का बताया जा रहा है।
बानियाज रिफाइनरी की परिचालन क्षमता में तकनीकी सुधारों के बाद करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है; रोजाना लगभग 500 इराकी टैंकर अनलोड किए जा रहे हैं।
इराक ने 3 मई 2025 को अल-यारूबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए सीरिया को तेल निर्यात फिर से शुरू कर दिया — यह पिछले 14 वर्षों में इस मार्ग से पहला ऐसा शिपमेंट है। 70 टैंकरों का एक काफिला इस सीमा पार से सीरिया में दाखिल हुआ और भूमध्यसागरीय तट पर स्थित बानियाज रिफाइनरी की ओर रवाना हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी एसएएनए (SANA) के अनुसार, काफिले ने बानियाज रिफाइनरी का रुख किया, जो भूमध्यसागर तट पर स्थित है। अल-यारूबियाह क्रॉसिंग पर तैनात सीरियाई अधिकारी फेरास रुस्तम ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि मध्य-पूर्व की बदलती भू-राजनीतिक शतरंज का संकेत है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच इराक का सीरिया के रास्ते वैकल्पिक मार्ग तलाशना दर्शाता है कि बगदाद अब वाशिंगटन की छाया से बाहर निकलकर स्वतंत्र ऊर्जा कूटनीति अपना रहा है। हालाँकि, यह भी गौरतलब है कि सीरिया स्वयं राजनीतिक अस्थिरता से उबर रहा है, और बानियाज रिफाइनरी की 30% बढ़ी क्षमता दीर्घकालिक आपूर्ति की गारंटी नहीं देती। इस साझेदारी की असली परीक्षा तब होगी जब क्षेत्रीय तनाव और बढ़े, और दोनों देशों को एक साथ दबाव झेलना पड़े।
RashtraPress
26 जून 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इराक ने सीरिया के रास्ते तेल निर्यात क्यों शुरू किया?
इराक अपने तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाश रहा है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते बंद है। अल-यारूबियाह मार्ग इराक को भूमध्यसागर तक सीधी पहुँच देता है।
अल-यारूबियाह बॉर्डर क्रॉसिंग कब और क्यों बंद हुई थी?
यह क्रॉसिंग 2011 में सीरियाई गृहयुद्ध शुरू होने के बाद बंद कर दी गई थी। 2014 में आईएसआईएल ने इस पर कब्जा कर लिया था, जिसे बाद में इराकी कुर्द बलों ने वापस लिया।
बानियाज रिफाइनरी की क्षमता में कितना सुधार हुआ है?
सीरिया पेट्रोलियम कंपनी के अनुसार, तकनीकी और इंजीनियरिंग कार्यों के बाद बानियाज रिफाइनरी की परिचालन क्षमता में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है। अब रोजाना लगभग 500 इराकी टैंकर अनलोड किए जा रहे हैं।
ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी का आर्थिक असर क्या है?
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के आकलन के मुताबिक अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी से ईरान को कथित तौर पर करीब $4.8 अरब (लगभग ₹45,600 करोड़) के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है। अमेरिका ने ईरान के कई बंदरगाहों पर भी नाकेबंदी की है।
इराक-सीरिया तेल साझेदारी से दोनों देशों को क्या फायदा होगा?
सीरियाई अधिकारी फेरास रुस्तम के अनुसार, यह पहल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करेगी और व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति को अधिक प्रभावी ढंग से सुगम बनाएगी। इससे दीर्घकालिक द्विपक्षीय साझेदारी विकसित होने की उम्मीद है।