ट्रंप ने क्यूबा नीति में बदलाव की ओर इशारा किया
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा नीति में बदलाव का संकेत दिया।
- क्यूबा से संबंधित नई पहलें संभव हैं।
- अमेरिका वर्तमान में अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- क्यूबा और अमेरिका के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है।
- ट्रंप की टिप्पणियाँ ऐतिहासिक संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
वाशिंगटन, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा से संबंधित अमेरिकी नीति में संभावित परिवर्तन का संकेत दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस दिशा में कुछ प्रगति हो रही है और विदेश नीति से जुड़े अन्य मुद्दों को सुलझाने के बाद क्यूबा पर नई पहल की जा सकती है।
व्हाइट हाउस में इंटर मियामी की चैंपियन टीम के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की सराहना की और क्यूबा का उल्लेख किया।
ट्रंप ने कहा, "मार्को, आप अद्भुत काम कर रहे हैं। और क्यूबा के मुद्दे पर भी आपने बेहतरीन कार्य किया है।"
उन्होंने संकेत दिया कि क्यूबा से जुड़ी कुछ नई जानकारियाँ जल्द ही सामने आ सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय अमेरिकी प्रशासन अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान में अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियानों में शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा कि पहले उन मुद्दों का समाधान करना आवश्यक है, लेकिन उसके बाद क्यूबा के संबंध में भी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ समय की बात है, जब कई लोग क्यूबा की ओर फिर से लौट सकते हैं।
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनकी सरकार क्यूबा के लिए कौन से ठोस कदम उठा सकती है। लेकिन उनके बयान से यह संकेत मिला कि वाशिंगटन की नीति में कुछ बदलाव संभव है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका में कई लोगों का क्यूबा के साथ गहरा संबंध है और भविष्य में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर अलग से जश्न मनाया जाएगा और इसके लिए प्रशासन कुछ हफ्तों का इंतजार करना चाहता है।
यह टिप्पणी तब आई जब ट्रंप एक समूह को संबोधित कर रहे थे जिसमें इंटर मियामी के सह-मालिक जॉर्ज मास भी शामिल थे, जिनका परिवार क्यूबा से अमेरिका आ गया था।
कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज मास ने अपने परिवार की कहानी और अमेरिका में क्यूबा से आए लोगों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता आजादी की तलाश में क्यूबा छोड़कर अमेरिका आए थे।
मास ने कहा कि इसी सोच ने उनके परिवार को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि इंटर मियामी परियोजना भी उन प्रवासी परिवारों के सपनों और मूल्यों से प्रेरित है, जो बेहतर अवसर की तलाश में अमेरिका आए थे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई लोग जो दशकों पहले क्यूबा छोड़कर चले गए थे, वे भविष्य में वहां वापस जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उम्मीद है कि वे वहां बसने के लिए नहीं जाएंगे।
राष्ट्रपति ने क्यूबा से जुड़े संभावित निर्णयों की समयसीमा या प्रकृति के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
अमेरिका और क्यूबा के रिश्ते पिछले कई दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। 1959 में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्यूबा की क्रांति के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने क्यूबा पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे, जिनमें से कई आज भी लागू हैं।