घायल होने के बावजूद और भी अधिक खतरनाक, राघव चड्ढा ने झूठों को बेनकाब करने का किया ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने आरोपों का खंडन किया है।
- उन्होंने कहा कि सत्यता का पता सीसीटीवी से लगाया जा सकता है।
- विपक्ष के वॉकआउट में उन्होंने हमेशा समर्थन किया है।
- उनका उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना है।
- हर झूठ का खुलासा किया जाएगा।
नई दिल्ली, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से आम आदमी पार्टी द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी आरोप बेबुनियाद और बेतुके हैं।
राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं कुछ नहीं कहना चाहता था, लेकिन अगर चुप रहता तो बार-बार दोहराए गए झूठ को लोग सच मानने लगते। तीन आरोप हैं। इनमें से एक भी सच नहीं है।"
उन्होंने आगे एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक पूरी तरह से स्क्रिप्टेड अभियान चलाया जा रहा है। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट और संगठित हमला है। उन्होंने पहले सोचा कि इसका जवाब नहीं देना चाहिए, लेकिन बाद में महसूस किया कि बार-बार दोहराए जाने वाले झूठ को लोग सच मान सकते हैं, इसलिए अब जवाब देना जरूरी समझा।
पहला आरोप यह है कि जब विपक्ष सदन से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। चड्ढा ने इसे पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि उन्होंने हर वॉकआउट में विपक्ष का समर्थन किया है। उन्होंने चुनौती दी कि कोई भी ऐसा उदाहरण पेश करे जब वह वॉकआउट में शामिल नहीं हुए हों। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिससे सत्यता का पता लगाया जा सकता है।
दूसरा आरोप यह था कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंपीचमेंट मोशन पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। उन्होंने इसे भी झूठ बताया। न तो उन्हें इसके लिए किसी ने आधिकारिक तौर पर कहा, न अनौपचारिक तौर पर। आम आदमी पार्टी के दस सांसदों में से कई ने उस मोशन पर खुद हस्ताक्षर नहीं किए थे। इस याचिका के लिए पचास सिग्नेचर की आवश्यकता थी, जबकि विपक्षी सांसदों की संख्या १०५ थी। फिर भी सारा दोष मुझ पर क्यों लगाया गया, यह समझ से परे है।
तीसरा आरोप यह था कि राघव चड्ढा डर गए हैं और इसलिए बेकार मुद्दे उठाते हैं। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि वे ऐसा नहीं करते। उनका उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना है। उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, पंजाब का पानी, दिल्ली की हवा, सरकारी स्कूलों की स्थिति, पब्लिक हेल्थकेयर, रेलवे यात्रियों की समस्याएं, महंगाई जैसी अनेक समस्याओं को संसद में उठाया है। उनका कहना है कि उनका चार साल का रिकॉर्ड संसद में देखा जा सकता है। उनका मकसद हमेशा जनता के मुद्दों को सामने लाना रहा है, न कि अपने लिए कोई शो बनाना।
अंत में चड्ढा ने जोर देकर कहा कि जो लोग उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, हर झूठ का खुलासा किया जाएगा। हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। उनका कहना है कि उन्हें चोट लगी है, इसलिए वे और भी घातक हैं।