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भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने FY26 में कार्गो प्रबंधन में नया रिकॉर्ड स्थापित किया

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भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने FY26 में कार्गो प्रबंधन में नया रिकॉर्ड स्थापित किया

सारांश

भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 915.17 मिलियन टन कार्गो का प्रबंधन किया है, जो कि वार्षिक लक्ष्य से अधिक है। जानिए इस उपलब्धि के पीछे के कारण और भविष्य की योजनाओं के बारे में।

मुख्य बातें

भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने 915.17 मिलियन टन कार्गो का प्रबंधन किया।
यह पिछले वर्ष की तुलना में 7.06 प्रतिशत अधिक है।
दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा।
सरकार विश्वस्तरीय बंदरगाह अवसंरचना का निर्माण कर रही है।
डिजिटल पहलों ने कार्यक्षमता में सुधार किया है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आने वाले प्रमुख बंदरगाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 915.17 मिलियन टन कार्गो का सफल प्रबंधन किया है, जो कि 904 मिलियन टन के वार्षिक लक्ष्य से अधिक है। यह जानकारी सरकार ने रविवार को साझा की।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 7.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो इस क्षेत्र की सशक्त वापसी, बेहतर कार्यक्षमता और निरंतर विकास को इंगित करता है।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “हमारे प्रमुख बंदरगाहों द्वारा 915 मिलियन टन से अधिक का रिकॉर्ड कार्गो प्रबंधन, भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को सिद्ध करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हम भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए विश्वस्तरीय बंदरगाह अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं।”

मंत्रालय ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रमुख बंदरगाहों में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है, जिसमें दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण 160.11 मीट्रिक टन के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा है। इसके बाद पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण 156.45 मीट्रिक टन और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) 102.01 मीट्रिक टन पर हैं।

अन्य प्रमुख बंदरगाहों जैसे कि विशाखापत्तनम, मुंबई, चेन्नई और न्यू मंगलौर ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मोर्मुगाओ बंदरगाह प्राधिकरण ने 15.91 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की, इसके बाद कोलकाता डॉक सिस्टम 14.28 प्रतिशत और जेएनपीए 10.74 प्रतिशत पर रहे।

मंत्रालय ने कहा कि कार्गो प्रबंधन में यह निरंतर वृद्धि कई महत्वपूर्ण कारकों द्वारा संचालित रही है, जैसे कि बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, और डिजिटल एवं स्मार्ट पोर्ट पहलों को अपनाना। इसके अतिरिक्त, कोयला, कच्चा तेल, कंटेनर, उर्वरक और पी.ओ.एल. जैसी प्रमुख वस्तुओं के संचालन में वृद्धि ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय एक व्यापक समुद्री रणनीति के तहत बंदरगाह-आधारित विकास, लॉजिस्टिक्स एकीकरण और स्थिरता को आगे बढ़ाता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे भारत एक वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने FY26 में कितना कार्गो प्रबंधन किया?
भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 915.17 मिलियन टन कार्गो का प्रबंधन किया।
इस वर्ष की वृद्धि दर क्या है?
इस वर्ष की वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में 7.06 प्रतिशत है।
कौन सा बंदरगाह शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा?
दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण 160.11 मीट्रिक टन के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा।
सरकार का क्या दृष्टिकोण है?
सरकार विश्वस्तरीय बंदरगाह अवसंरचना का निर्माण कर रही है और लॉजिस्टिक्स में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
क्या डिजिटल पहलों का असर पड़ा है?
जी हां, बंदरगाहों में डिजिटल और स्मार्ट पहलों को अपनाने से कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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