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क्या बाजार में मिलने वाला आम आपकी सेहत के लिए हानिकारक है? पहचानें इसे आसानी से

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क्या बाजार में मिलने वाला आम आपकी सेहत के लिए हानिकारक है? पहचानें इसे आसानी से

सारांश

गर्मियों में आमों का मौसम शुरू होते ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। बाजार में बिकने वाले आमों की पहचान करना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि आप सुरक्षित और स्वस्थ फल का चुनाव कर सकें। जानें कैसे पहचानें प्राकृतिक और रासायनिक आमों में अंतर।

मुख्य बातें

प्राकृतिक आम की पहचान करें।
रासायनिक आम आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
पानी में डालकर आम की पहचान करें।
रासायनिक आम खाने से गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
सावधानी से आम का चयन करें।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, बाजार विभिन्न रंग-बिरंगे फलों से भर जाता है, जिसमें आम सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करता है। इस फल को ‘फलों का राजा’ माना जाता है और इसकी मिठास और स्वाद के कारण यह हर उम्र के लोगों की पसंद बन जाता है। हालांकि, यदि सतर्कता न बरती जाए, तो यही आम आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले कई आम प्राकृतिक तरीके से नहीं बल्कि रासायनिक पदार्थों से जल्दी पकाए जाते हैं, जो शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक रूप से पके आमों में एक विशिष्ट और ताजगी भरी खुशबू होती है, जो दूर से ही पहचानने योग्य होती है। इसके विपरीत, रासायनिक प्रक्रिया से पकाए गए आमों में यह सुगंध बिल्कुल कम होती है। उनका रंग भी असामान्य रूप से एक समान चमकीला पीला होता है, जो देखने में आकर्षक तो लगता है, लेकिन यह उनकी असली गुणवत्ता को छिपा सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, प्राकृतिक आम का रंग हल्का हरा और पीला मिश्रित होता है और यह अंदर से पूरी तरह पका होता है, जबकि कृत्रिम रूप से पकाए गए आम अक्सर बाहर से पीले और अंदर से कच्चे रह जाते हैं।

एक अध्ययन के मुताबिक, आम को पानी में डालकर भी इसकी गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। प्राकृतिक रूप से पका आम भारी होता है और पानी में डूब जाता है, जबकि रासायनिक आम हल्का होता है और ऊपर तैरता है। इसके अलावा, ऐसे आम का सेवन करने पर कभी-कभी जीभ में जलन या गले में परेशानी महसूस होती है, जो इस बात का संकेत है कि उसमें रसायनों का उपयोग हुआ है।

आम को जल्दी पकाने के लिए अक्सर कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जाता है। इससे उत्पन्न होने वाली एसिटिलीन गैस शरीर के लिए हानिकारक होती है। इसके अलावा, इसमें आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे तत्व भी हो सकते हैं, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसे आम खाने से पेट दर्द, उल्टी, डायरिया, गले में जलन और मुंह में छाले जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना और नींद की समस्या भी पैदा कर सकता है। लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने से लिवर और किडनी पर भी असर पड़ सकता है। इन रसायनों के लगातार संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम भी बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना आवश्यक है कि आम का सेवन करते समय सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। रासायनिक आम आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए प्राकृतिक आम को पहचानना और उसका चयन करना आवश्यक है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैसे पता करें कि आम रासायनिक है या प्राकृतिक?
प्राकृतिक आम की खुशबू और रंग हल्का हरा और पीला होता है। पानी में डालकर भी इसकी पहचान की जा सकती है।
क्या रासायनिक आम खाने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
जी हां, रासायनिक आम खाने से पेट दर्द, उल्टी, डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कौन से रसायन आम को जल्दी पकाने में उपयोग होते हैं?
कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों का उपयोग आम को जल्दी पकाने में किया जाता है।
आम खाने से किस प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं?
लंबे समय तक रासायनिक आम का सेवन करने से लिवर, किडनी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
आम की पहचान कैसे करें?
प्राकृतिक आम की सुगंध, रंग और वजन से उसकी पहचान की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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