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ओडिशा कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरा

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ओडिशा कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरा

सारांश

ओडिशा की कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के कार्यान्वयन में देरी और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरा।
सप्तगिरि शंकर उलाका ने विधेयक की देरी पर सवाल उठाए।
महिला सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस की मांगें स्पष्ट हैं।
भाजपा पर गलत सूचना फैलाने का आरोप।
प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर भी उठे सवाल।

भुवनेश्वर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने सोमवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में की गई देरी की भर्त्सना की और इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, कोरापुट सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा कि जब यह विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया, तब वे वहां उपस्थित थे और उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीयत शुरू से ही संदिग्ध रही है।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था, जिसमें केवल दो सदस्यों ने इसका विरोध किया था, और बाद में यह कानून बन गया।

हालांकि, उन्होंने राजपत्र अधिसूचना जारी करने में हुई देरी पर सवाल उठाया, जो कि 16 अप्रैल, 2026 को ही जारी की गई। उन्होंने यह भी पूछा कि केंद्र सरकार को अधिसूचना जारी करने में तीन वर्ष क्यों लगे।

उलाका ने बताया कि कांग्रेस पार्टी चाहती थी कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हों, और इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी प्रावधान हों। उन्होंने इसे 2024 से तुरंत लागू करने की मांग की।

सांसद ने यह भी कहा कि सरकार ने चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया और इसे 2026 की जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 850 सीटों वाली विस्तारित विधानसभा में आरक्षण का प्रस्ताव रखा।

उलाका ने आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया जनसंख्या के आधार पर दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम कर सकती है और असम तथा जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में सीटों का आवंटन सीमित कर सकती है, जहां भाजपा के पास कोई वोट नहीं है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है - राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पंचायत नेताओं तक के पदों पर।

उलाका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना करते हुए कहा कि उनके हालिया राष्ट्रीय संबोधन में 29 मिनट के भाषण में उन्होंने कांग्रेस का 59 बार और टीएमसी का 10 बार उल्लेख किया, जो उनके अनुसार प्रधानमंत्री की कमजोरी को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या चुनाव आयोग ने मौजूदा चुनावों के दौरान ऐसी टिप्पणियों पर ध्यान दिया है, साथ ही मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी की भी आलोचना की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है। सभी पक्षों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के कार्यान्वयन में देरी और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
क्या महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है?
हाँ, महिला आरक्षण विधेयक 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था।
कांग्रेस की क्या मांग है?
कांग्रेस ने मांग की है कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं।
सप्तगिरि शंकर उलाका ने क्या कहा?
उलाका ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए विधेयक के कार्यान्वयन में देरी को लेकर चिंता जताई।
क्या प्रधानमंत्री मोदी पर भी आरोप लगाए गए हैं?
हाँ, उलाका ने मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस का बार-बार उल्लेख किया, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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