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भाजपा द्वारा महिला आरक्षण पर सिर्फ दिखावा: हरीश रावत का गंभीर आरोप

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भाजपा द्वारा महिला आरक्षण पर सिर्फ दिखावा: हरीश रावत का गंभीर आरोप

सारांश

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर दिखावे का आरोप लगाया। संसद में पास न हो पाने के कारणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने भाजपा की मंशा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानें क्या कहा रावत ने।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से गरमाया।
हरीश रावत ने भाजपा को ड्रामा करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस आक्रामक कदम उठाने का सोच रही है।
संस्कृत को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद में विपक्ष के विरोध के कारण महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो सका। भाजपा शासित राज्यों में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इस संदर्भ में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इसे भाजपा का ड्रामा करार दिया है।

नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भाजपा से यह नहीं सीखने की आवश्यकता है कि महिलाओं का सम्मान कैसे किया जाता है। कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को आरक्षण देने की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह ड्रामा जनता को पता चल चुका है और यह आगे नहीं बढ़ेगा।

हरीश रावत ने आगे कहा कि भाजपा के इस ड्रामे को उजागर करने के लिए हम विभिन्न स्थानों पर मार्च आयोजित करेंगे और मांग करेंगे कि 543 सीटों पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। हम इस मुद्दे पर आक्रामक तरीके से कदम उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि स्वतंत्र भारत में पुरुष और महिला दोनों को समान रूप से एक वोट का अधिकार होगा, जबकि अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में यह अधिकार लंबे संघर्ष के बाद प्राप्त हुआ।

कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। 2029 में महिला आरक्षण का प्रश्न न उठे, इसलिए भाजपा ने इसे परिसीमन के मामले से जोड़ दिया। उन्हें पता था कि परिसीमन के कई राज्यों में कई प्रश्न उठ सकते हैं। इसलिए उन्होंने परिसीमन का मामला जोड़ा ताकि बिल पारित न हो सके।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण को लागू नहीं करने की है और उन्होंने इसे जानबूझकर जटिल बना दिया है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर हरीश रावत ने कहा कि ओवैसी और भाजपा, ये दोनों एक ही सोच के हैं। दोनों का लक्ष्य कांग्रेस और लोकतांत्रिक शक्तियों को कमजोर करना है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संस्कृत संबंधी बयान पर हरीश रावत ने कहा कि संस्कृत हमारी संस्कृति है, यह हमारा अतीत है। यह एक भाषा है और ज्ञान का खजाना है। लोगों को इस ज्ञान को अर्जित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में तो ड्रामा हो रहा है। हमने उत्तराखंड में अपने समय में संस्कृत की सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोली थी, लेकिन भाजपा सरकार उस विश्वविद्यालय को सही तरीके से संचालित नहीं कर पा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भाजपा की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। यह मुद्दा न केवल महिलाओं के अधिकारों से संबंधित है, बल्कि इसे राजनीतिक खेल के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां भाजपा को विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
हरीश रावत ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
हरीश रावत ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर केवल ड्रामा करने का आरोप लगाया है।
भाजपा क्यों विरोध कर रही है?
भाजपा का कहना है कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मामला जोड़कर इसे जटिल बना दिया गया है।
कांग्रेस के क्या कदम हैं?
कांग्रेस विभिन्न स्थानों पर मार्च निकालने की योजना बना रही है ताकि महिला आरक्षण पर जोर दिया जा सके।
संस्कृत के बारे में हरीश रावत का क्या कहना है?
उन्होंने संस्कृत को भारतीय संस्कृति का अभिमान और ज्ञान का खजाना बताया।
राष्ट्र प्रेस
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