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भाजपा सांसदों की अपील: परिसीमन के बारे में भ्रम न फैलाएं, महिला आरक्षण बिल का समर्थन करें

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भाजपा सांसदों की अपील: परिसीमन के बारे में भ्रम न फैलाएं, महिला आरक्षण बिल का समर्थन करें

सारांश

महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर भाजपा सांसदों की अपील, भेदभाव न करने और समर्थन की आवश्यकता पर जोर। संसद में चर्चा का आश्वासन।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
सांसदों ने भेदभाव न करने की अपील की है।
सरकार ने परिसीमन को लेकर स्पष्टता दी है।
मंत्री गिरिराज सिंह ने चर्चा का आश्वासन दिया।
यह बिल महिलाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण बिल और प्रस्तावित परिसीमन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के सांसदों ने यह स्पष्ट किया है कि इन मुद्दों पर किसी भी राज्य या वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और संसद में व्यापक चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। जब यह सदन के सामने आएगा, तो इस पर विस्तार से चर्चा होगी और किसी को भी बेवजह शक करने की आवश्यकता नहीं है। मुझे पूरा भरोसा है कि, जिस तरह इसे पहले पारित किया गया था, उसी तरह अब भी इसे पारित किया जाएगा। किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा, सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा और सभी का समर्थन मिलेगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि जब सदस्य सदन में आएंगे तो महिलाओं के प्रति उनमें संवेदना जगेगी और जो महिलाएं सालों से इंतजार कर रही हैं, अब उनके सब्र की सीमा टूट रही है। इसे सब मिलकर पास करेंगे। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।"

नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमने पूरी तैयारी की है। आज बहुत अच्छी बहस होगी। मेरा विश्वास है कि हर पार्टी अपना-अपना पक्ष रखेगी। मुख्य मुद्दा यह है कि महिलाओं को आरक्षण देना। लोकसभा और विधानसभाओं में भारत की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना। सामान्य सीट से भी महिलाएं चुनकर आ सकती हैं लेकिन 33 प्रतिशत आरक्षण देने के बाद भारत के लिए यह ऐतिहासिक हो जाएगा।"

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में मिसाल कायम करेगा कि हम महिलाओं के लिए कितना बड़ा कदम उठा रहे हैं। इस पर विरोध होने की आवश्यकता नहीं है। परिसीमन या अन्य विषयों को उठाकर महिला आरक्षण को गिराने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसी को नुकसान नहीं होगा, जो संसद में साफ भी हो जाएगा। चर्चा में सरकार की ओर से सभी बातें खुलकर सामने आएंगी लेकिन कुछ पार्टियों ने दक्षिण भारत में परिसीमन के संबंध में गलत संदेश फैलाने का प्रयास किया है। मेरी उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें।

नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर भाजपा सांसद संध्या रे ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री को देश की मातृ शक्ति, सभी माताओं और बहनों की ओर से धन्यवाद करती हूं। देश की नारी शक्ति के लिए आज का यह पल ऐतिहासिक है। 2029 के चुनाव में हमारे देश की नारी शक्ति को प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। आज मैं भी प्रसन्न हूं और मैं अपने लोकसभा क्षेत्र की सभी मातृ शक्ति की ओर से बहुत-बहुत अभिनंदन करती हूं। 2023 में जब यह बिल पेश हुआ, तब यह संदेह था कि 2029 तक यह बिल लागू होगा कि नहीं लेकिन आज यह बड़ा विषय है। जब हमारे प्रधानमंत्री संबोधन करेंगे तो कहीं न कहीं ये सारी बातें साफ हो जाएंगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसका प्रभाव व्यापक हो सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य भारत की लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
भाजपा सांसदों ने परिसीमन के बारे में क्या कहा?
भाजपा सांसदों ने परिसीमन को लेकर भ्रम न फैलाने की अपील की है और सबको समान व्यवहार का आश्वासन दिया है।
यह बिल कब पेश किया गया?
यह बिल 2023 में पेश किया गया था और इसके लागू होने की उम्मीद 2029 के चुनावों से पहले है।
क्या इस बिल का समर्थन सभी पार्टियों का होगा?
भाजपा सांसदों का मानना है कि सभी पार्टियाँ इस बिल का समर्थन करेंगी।
महिला आरक्षण बिल का महत्व क्या है?
यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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