25 जुलाई 2026
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एनडीए सांसदों ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक बताया, आज का दिन महिलाओं के लिए विशेष

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एनडीए सांसदों ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक बताया, आज का दिन महिलाओं के लिए विशेष

सारांश

महिला आरक्षण बिल पर एनडीए सांसदों ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। इसे महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है, जो उनकी गरिमा और अधिकारों को बढ़ावा देगा।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का समर्थन एनडीए सांसदों द्वारा किया गया है।
यह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस बिल के पारित होने की आवश्यकता को सभी ने माना है।
राजनीतिक पार्टियों को इस मुद्दे पर एकजुट होने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी का महिलाओं के लिए समर्थन सराहनीय है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण बिल के संबंध में राजनीतिक वातावरण काफी सक्रिय हो गया है। एनडीए के सांसदों ने इस बिल को महिलाओं के सम्मान और भावनाओं से संबंधित एक ऐतिहासिक दिन बताया है, जिससे देश की महिलाओं को लाभ मिलेगा।

महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "यह मांग कई दशकों से चली आ रही है। महिलाओं को आरक्षण देना अत्यंत आवश्यक है। अलग-अलग समय में विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर यह समझना कठिन है कि क्यों नारी शक्ति को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। कभी आरक्षण के भीतर आरक्षण का सहारा लिया जाता है, तो कभी सीटों की संख्या को आधार बनाया जाता है। पहले सभी ने इसे पारित करने का कार्य किया, अब जब इसे लागू करने का समय आया है, विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।"

महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "मेरे अनुसार परिसीमन का विरोध करना उचित नहीं है। परिसीमन के बाद ही सीटें बढ़ेंगी और महिलाओं को आरक्षण मिलेगा। सभी सांसदों को काम करने का बेहतर अवसर मिलेगा। विधानसभा में भी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया है। सभी को सुझाव देने का अधिकार है, लेकिन बिल का विरोध करना महिला विरोधी दृष्टिकोण है।"

सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "महिला आरक्षण बिल का पारित होना आवश्यक है, क्योंकि यह सबसे ऐतिहासिक कानूनों में से एक है। मुझे प्रधानमंत्री ने यह सौभाग्य दिया कि जिस दिन यह बिल पारित हुआ, उसी दिन मुझे इस पर अपने विचार रखने का अवसर मिला और मैं भाजपा का पहला वक्ता था। आज, मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करता हूं कि वे सामाजिक वर्गों और भौगोलिक बंटवारे से ऊपर उठें। भारत सभी भारतीयों का है। हम महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं और प्रधानमंत्री ने इसके लिए प्रयास किए हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे उनके हाथों को मजबूत करें और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन करें।"

निशिकांत दुबे ने कहा, "16 अप्रैल कांग्रेस के इतिहास में एक काला दिन है। इसी दिन स्वीडिश रेडियो ने बताया था कि भारत सरकार को बेची गई बोफोर्स तोपों के सौदे में 64 करोड़ रुपये का कमीशन शामिल था। अब तक कांग्रेस ने इस तथ्य को दबाने की कोशिश की और पूरे देश के सामने यह दावा करती रही है कि बोफोर्स मामले में कुछ भी सामने नहीं आया।"

भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, "आज एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज एक भावुक दिन है। सभी लोग अत्यधिक भावुक हैं। आज कई महिलाओं को सम्मान देने का दिन है। इसमें तो उन्हें (विपक्ष) समर्थन करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है और आज का दिन सबसे महत्वपूर्ण है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने हेतु सीटों का आरक्षण प्रदान करता है।
इस बिल के पीछे का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सम्मान में वृद्धि करना है।
क्या सभी पार्टियों ने इस बिल का समर्थन किया है?
नहीं, कुछ विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है।
महिला आरक्षण से क्या लाभ होगा?
यह महिलाओं को राजनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाएगा।
क्या यह बिल लागू होगा?
यदि इसे संसद में पारित किया जाता है, तो यह लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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