महिला आरक्षण बिल: अपराजिता सारंगी ने केंद्र सरकार की पहल की सराहना की
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल में 33 फीसदी सीटों का आरक्षण होगा।
- संसद का विशेष सत्र 16, 17 और 18 अप्रैल को होगा।
- भाजपा सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।
- कांग्रेस की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
- केरल में विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने इस पहल की प्रशंसा की।
नई दिल्ली में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला सांसद के नाते यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया, जिसके अनुसार लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। यह एक ऐतिहासिक कदम है। 16, 17 और 18 अप्रैल को बुलाए गए इस विशेष सत्र में तीन महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की जाएगी। पहले, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जो 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है, उसे लागू किया जाएगा। दूसरे, नरेंद्र मोदी सरकार केवल बातें नहीं करती, बल्कि उसे अमल में भी लाती है। 2029 के आम चुनाव में यह आरक्षण लागू होना चाहिए, इस पर चर्चा होगी और निर्णय लिया जाएगा। इससे मोदी सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। तीसरे, प्रधानमंत्री मोदी ने संघवाद को महत्व दिया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है। हमारी सरकार को पता है कि आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना देश का विकास संभव नहीं है। पीएम आवास योजना भी महिलाओं और पुरुषों के नाम पर दी जाती है, और अन्य लाभकारी योजनाओं में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। 2010 में जब यूपीए सरकार थी, तब इस दिशा में प्रयास किए गए थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस की अनुपस्थिति पर सारंगी ने कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के विकास में रुचि नहीं है। वह नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले, इसलिए वह इस संसद सत्र से भाग रही है। देश की जनता कांग्रेस की मानसिकता और दृष्टिकोण को देख रही है।
भाजपा सांसद ने केरल चुनावों पर कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केरल भारत का हिस्सा है और वहां के लोगों से हमें भरपूर समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के कारण केरल में विकास बाधित रहा है। एनडीए की 19 राज्यों में डबल इंजन की सरकार है, जहां तेजी से विकास कार्य हो रहा है। केरल के लोग शिक्षित हैं और वहां डबल इंजन की सरकार बनने से विकास में तेजी आएगी।