असम पुलिस ने पवन खेड़ा पर जालसाजी और मानहानि के आरोप में मामला दर्ज किया
सारांश
Key Takeaways
- पवन खेड़ा पर जालसाजी और मानहानि के आरोप लगे हैं।
- एफआईआर 6 अप्रैल को दर्ज की गई थी।
- मुख्यमंत्री की पत्नी ने शिकायत की थी।
- जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
- यह मामला असम में चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।
गुवाहाटी, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार को लक्ष्य बनाकर की गई टिप्पणियों से जुड़े जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के कई आरोप शामिल हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी।
यह मामला गुवाहाटी में क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में 6 अप्रैल को दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के तहत फाइल किया गया है, जो मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में खेड़ा पर 5 अप्रैल को आयोजित दो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झूठे और मनगढ़ंत दावे करने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर में कहा गया है कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के कई प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना, मानहानि, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कृत्यों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खेड़ा ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ऐसे दृश्य सामग्री प्रस्तुत की और सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री प्रसारित की, जिससे यह संकेत मिलता था कि रिंकी भुइयां सरमा के पास मिस्र, एंटीगुआ और बारबुडा सहित कई देशों की नागरिकता या पासपोर्ट हैं। इसके अलावा, उनके पास संयुक्त अरब अमीरात द्वारा जारी किया गया एक गोल्डन कार्ड भी है।
खेड़ा ने यह भी दावा किया कि उनके पास अघोषित विदेशी संपत्तियां हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी से उनके संबंध हैं।
रिंकी भुइयां सरमा ने सभी आरोपों को नकारते हुए उन्हें बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए दस्तावेज जाली थे, जिन पर नकली मुहरें और क्यूआर कोड लगाए गए थे, ताकि वे सरकारी रिकॉर्ड की तरह दिखें।
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि ये दावे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर फैलाए गए, जिसके कारण लोगों में गुस्सा भड़का, ऑनलाइन उत्पीड़न हुआ और रिंकी भुइयां सरमा और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसमें आरोपों के समय को लेकर भी चिंता जताई गई है। यह बताया गया है कि ये आरोप असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक कुछ दिन पहले सामने आए हैं, जिससे चुनावी माहौल पर असर पड़ने की आशंका है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच का कार्य वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया है, जो जांच के हिस्से के तौर पर डिजिटल और भौतिक, दोनों तरह के सबूतों की जांच करेंगे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि असम पुलिस इस मामले की जांच के सिलसिले में खेड़ा के घर गई थी, लेकिन कांग्रेस नेता वहां नहीं मिले। सरमा ने दावा किया कि असम पुलिस पवन खेड़ा के घर गई थी, लेकिन वह वहां से फरार हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खेड़ा शायद पूछताछ से बचने के लिए हैदराबाद भाग गए हैं।