महिला आरक्षण बिल पर अपराजिता सारंगी की सराहना: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक कदम

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महिला आरक्षण बिल पर अपराजिता सारंगी की सराहना: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक कदम

सारांश

महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा तीन दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने इस कदम की सराहना की है, जिससे महिलाओं के विकास में एक नई दिशा मिलेगी। जानिए इस बिल के महत्व के बारे में।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण बिल में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
  • केंद्र सरकार ने इस बिल को लागू करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया है।
  • भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने इस कदम की सराहना की।
  • महिलाओं के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएँ महत्वपूर्ण हैं।
  • कांग्रेस की अनुपस्थिति ने उनके दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने इस महत्वपूर्ण कदम की सराहना की।

उन्होंने नई दिल्ली में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि एक महिला सांसद होने के नाते मुझे बेहद खुशी महसूस हो रही है। 2023 में संसद द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया, जिसके अंतर्गत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी। यह एक ऐतिहासिक कदम है। इस विशेष सत्र का आयोजन 16, 17 और 18 अप्रैल को किया जाएगा। यह तीन महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाता है। पहला, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में निर्धारित 33 फीसदी आरक्षण को लागू किया जाएगा। दूसरा, नरेंद्र मोदी सरकार केवल वादा नहीं करती, बल्कि इसे अमल में भी लाती है। 2029 के आम चुनाव में यह आरक्षण लागू किया जाएगा, इस पर सत्र में चर्चा होगी और निर्णय लिया जाएगा। इससे मोदी सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। तीसरा, प्रधानमंत्री मोदी ने संघवाद को महत्व दिया है।

भाजपा सांसद ने कहा कि पीएम मोदी की सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारी सरकार जानती है कि आधी आबादी को सशक्त किए बिना देश का विकास संभव नहीं है। पीएम आवास योजना भी महिलाओं और पुरुषों दोनों के नाम पर प्रदान की जाती है, इसके अलावा अन्य लाभकारी योजनाओं में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। 2010 में जब यूपीए की सरकार थी, तब प्रयास किए गए थे, लेकिन वे परिणाम तक नहीं पहुँच सके।

महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस की अनुपस्थिति पर भी सारंगी ने कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के विकास में रुचि नहीं है। कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले, इसी कारण वह इस संसद सत्र से बाहर रह रही है। देश की जनता कांग्रेस के व्यवहार, मानसिकता और दृष्टिकोण को देख रही है।

भाजपा सांसद ने केरल चुनाव को लेकर कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केरल भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। वहां जनता से अपार समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि केरल में पूर्व की सरकारों के कारण विकास नहीं हो पाया। एनडीए की 19 राज्यों में डबल इंजन की सरकार है, जहां तेजी से विकास कार्य हो रहा है। केरल के लोग शिक्षित हैं, और वहां डबल इंजन की सरकार बनने से उन्हें लाभ मिलेगा।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार अपने वादों को निभाने के प्रति गंभीर है। इस कदम से न केवल राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि यह समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव लाने की संभावना रखता है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करना है।
केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर कब चर्चा की?
केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है।
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने क्या कहा?
अपराजिता सारंगी ने सरकार के इस कदम की सराहना की और इसे महिलाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस की अनुपस्थिति पर क्या प्रतिक्रिया थी?
अपराजिता सारंगी ने कांग्रेस की अनुपस्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के विकास में रुचि नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी का क्या योगदान है?
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जो उनकी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
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