भाजपा सांसदों का कहना: 'महिला नेतृत्व से ही संभव है भारत का विकास'

Click to start listening
भाजपा सांसदों का कहना: 'महिला नेतृत्व से ही संभव है भारत का विकास'

सारांश

भाजपा सांसदों ने कहा है कि महिला नेतृत्व से ही भारत का विकास संभव है। पीएम मोदी के लेख की चर्चा ने इस विषय को फिर से प्रासंगिक बना दिया है।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण से लोकतंत्र मजबूत होगा।
  • महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलेगी।
  • पीएम मोदी ने महिला केंद्रित योजनाएं बनाई हैं।
  • महिला नेतृत्व से ही विकास संभव है।
  • 16 अप्रैल को एक नई आशा का प्रतीक बनेगा।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी द्वारा लिखे गए लेख के संदर्भ में भाजपा सांसदों ने कहा है कि महिला नेतृत्व से ही विकसित भारत 2047 का सपना साकार होगा।

राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करती हूं, जिन्होंने हमेशा महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किया। विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे हमारा लोकतंत्र और मजबूत, समावेशी और व्यापक जन-भागीदारी के लिए अनुकूल बनेगा। यह आवश्यक है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं को गरिमापूर्ण और उचित स्थान मिले। इन दूरदर्शी विचारों को वास्तविकता में बदलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है ताकि इस कानून को जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। जब महिलाओं को प्रोत्साहन दिया जाता है, तो वे अच्छे परिणाम देती हैं।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधी आबादी की चिंता करते हैं और अनेक ऐसे योजनाएं लेकर आए हैं, जिनका सीधा लाभ महिलाओं को मिला है। अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने की ओर बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री का मानना है कि देश तभी तरक्की करेगा जब सभी लोग मिलकर आगे बढ़ेंगे। राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत अब महिलाओं को अवसर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व का मंच भी प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की दिशा में बढ़ता देश, हर बेटी और बहन को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने की ओर एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। 16 अप्रैल का दिन देश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक नई आशा, नया विश्वास और नए अधिकारों का प्रतीक बनेगा।

राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लगातार महिला-केंद्रित योजनाएं बनाईं और कई ऐसे कार्यक्रम तैयार किए जो केवल महिलाओं के लिए थे। पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट है कि महिला आरक्षण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। भारत का लोकतंत्र तभी पूर्ण होगा, जब विधानसभाओं और संसद में नारी शक्ति की आवाज और मजबूत होगी।

Point of View

यह स्पष्ट होता है कि भाजपा सांसद एक समावेशी लोकतंत्र की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी से भारत का विकास संभव है। यह विचार न केवल राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनके उत्थान के संदर्भ में भी अत्यंत प्रासंगिक है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का महत्व इसलिए है क्योंकि यह महिलाओं को राजनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में उचित स्थान देता है, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होता है।
पीएम मोदी ने महिलाओं के उत्थान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पीएम मोदी ने कई महिला-केंद्रित योजनाएं और नीतियां बनाई हैं, जैसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जो महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाता है।
भाजपा सांसदों का इस विधेयक पर क्या कहना है?
भाजपा सांसदों का कहना है कि महिला नेतृत्व से ही भारत का विकास संभव है, और इस विधेयक का समर्थन सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए।
महिला आरक्षण से क्या लाभ होगा?
महिला आरक्षण से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलेगी, जिससे समाज में समानता और समावेशिता बढ़ेगी।
महिलाएं आज किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं?
महिलाएं अब राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान और सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में सक्रिय हैं और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा रही हैं।
Nation Press