कैसे हरिहरन ने शिल्पा राव को अपनी आवाज़ से प्रभावित कर मुंबई बुलाया: गायकी की यात्रा का आरंभ
सारांश
Key Takeaways
- हरिहरन का समर्थन शिल्पा राव के करियर का टर्निंग पॉइंट था।
- शिल्पा का असली नाम अपेक्षा राव है।
- उन्होंने जिंगल्स गाकर अपने करियर की शुरुआत की।
- उनका पहला बड़ा गाना 'तोसे नैना' था।
- शिल्पा ने हिंदी, तमिल और तेलुगू में गाया है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असली टैलेंट का पता लगाने वाला एक व्यक्ति हमेशा मिल जाता है, और जब ऐसा होता है तो जीवन की दिशा बदल जाती है। कुछ ऐसा ही अनुभव बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका शिल्पा राव के साथ हुआ। आज उनकी आवाज़ करोड़ों दिलों में गूंजती है, लेकिन उनकी यात्रा में एक ऐसा क्षण आया जब हरिहरन ने उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें मुंबई आने के लिए प्रेरित किया। यह घटना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बनी, जिसने उन्हें नए रास्ते पर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
11 अप्रैल 1984 को जमशेदपुर में जन्मी शिल्पा राव का असली नाम अपेक्षा राव है। वह एक तेलुगू परिवार से हैं, जहाँ संगीत का माहौल था। उनके पिता, एस. वेंकट राव ने उन्हें प्रारंभिक संगीत की शिक्षा दी। बचपन से ही शिल्पा को गाने का शौक था और वह स्कूल की गायक मंडली का हिस्सा थीं। उन्होंने गज़ल गायकी की भी ट्रेनिंग ली।
शिल्पा के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उनकी मुलाकात हरिहरन से हुई। उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी, लेकिन उनकी आवाज़ में एक खास जादू था। हरिहरन ने उनकी प्रतिभा को तुरंत पहचाना और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिल्पा को अपने साथ मुंबई लाने का निश्चय किया ताकि वह अपनी कला को एक नए स्तर पर ले जा सकें। यही वह क्षण था जब शिल्पा ने अपने करियर में गायकी को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
मुंबई आने के बाद शिल्पा के लिए रास्ता आसान नहीं था। उन्हें शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा। उनकी आवाज़ बाकी गायकों से अलग थी, इसलिए उन्हें जल्दी अवसर नहीं मिल सके। इस दौरान उन्होंने जिंगल्स गाकर अपने करियर की शुरुआत की। लगभग तीन साल तक उन्होंने विज्ञापनों के लिए गाने गाए और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में सफल रहीं।
2007 में उन्हें पहला बड़ा मौका मिला, जब संगीतकार मिथुन ने फिल्म 'अनवर' में 'तोसे नैना' गाने का अवसर दिया। यह गाना सुपरहिट हुआ और शिल्पा राव को इंडस्ट्री में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार एक से बढ़कर एक गाने गाए, जैसे 'खुदा जाने', 'मलंग', 'वो अजनबी' और 'मुड़ी मुड़ी', जिससे उन्होंने अपनी खास पहचान बना ली।
शिल्पा राव ने कई बड़े संगीत निर्देशकों के साथ काम किया, लेकिन विशाल-शेखर के साथ उनकी जोड़ी विशेष रूप से पसंद की जाती है। फिल्म 'पठान' का गाना 'बेशरम रंग' भी इसी जोड़ी ने कंपोज किया, जिसे शिल्पा ने अपनी आवाज़ दी। यह गाना काफी चर्चित रहा और दर्शकों ने इसे बहुत पसंद किया।
अपने करियर में शिल्पा राव को कई पुरस्कार और सम्मान भी मिले हैं। उनकी गायकी में एक गहराई है, जो उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती है। उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगू फिल्मों में भी गाया है।