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'वुमानिया' पहल: जीईएम प्लेटफॉर्म पर 2.1 लाख महिला एमएसई जुड़े, 13.7 लाख ऑर्डर्स प्राप्त किए

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'वुमानिया' पहल: जीईएम प्लेटफॉर्म पर 2.1 लाख महिला एमएसई जुड़े, 13.7 लाख ऑर्डर्स प्राप्त किए

सारांश

नई दिल्ली में 'वुमानिया' पहल के तहत, 2.1 लाख से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों ने जीईएम प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण किया है और 13.7 लाख ऑर्डर्स हासिल किए हैं। यह पहल महिला उद्यमियों को मजबूत आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाती है।

मुख्य बातें

2.1 लाख महिला एमएसई ने जीईएम पर पंजीकरण किया।
महिलाओं को 13.7 लाख ऑर्डर्स मिले हैं।
28,000 करोड़ रुपए से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किए गए।
महिला उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सीधा संपर्क।
आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'वुमानिया' पहल के तहत, वित्त वर्ष 26 में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर 2.1 लाख से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म और लधु उद्यम (एमएसई) ने पंजीकरण किया है और उन्हें 13.7 लाख ऑर्डर्स प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सरकारी बयान में साझा की गई।

सरकारी बयान के अनुसार, महिला नेतृत्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों को 28,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 27.60 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

इस पहल के लाभार्थियों ने वित्त वर्ष 2026 में जीईएम के कुल ऑर्डर का 5.6 प्रतिशत3 प्रतिशत

इस योजना के अंतर्गत महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूहों को जेईएम प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे सरकारी खरीदारों के समक्ष अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

यह पहल हस्तशिल्प, हथकरघा, जूट, नारियल, गृह सज्जा और कार्यालय साज-सज्जा जैसी विशिष्ट श्रेणियों की खरीद को कवर करती है।

बयान में कहा गया कि जमीनी स्तर पर, जिला प्रशासन, उद्यम सहायता केंद्र और प्रशिक्षण संस्थान विक्रेताओं की तत्परता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और उत्पाद सूची कार्यशालाएं आयोजित कर रहे हैं।

जेईएम पर यह पहल मौजूदा उत्पादन क्षमताओं को औपचारिक और टिकाऊ उद्यम भागीदारी में परिवर्तित करती है।

बयान में यह भी कहा गया, "जैसे ही अधिक महिलाएं दृश्यता प्राप्त करती हैं, क्षमता निर्माण करती हैं और सरकारी खरीदारों से जुड़ती हैं, वुमानिया न केवल एक खरीद पहल बन जाती है, बल्कि यह आर्थिक स्वतंत्रता और व्यापक प्रतिनिधित्व का एक मार्ग भी प्रशस्त करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सार्वजनिक खरीद समाज के बेहतर वर्ग की क्षमताओं और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करती है।"

महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों की डिजिटल ऑनबोर्डिंग उद्यम सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजीकरण के माध्यम से की जाती है, जबकि उत्पाद सूची में परिभाषित तकनीकी विशिष्टताओं के साथ एक समान कैटलॉग टेम्पलेट का पालन किया जाता है ताकि खरीदार का मूल्यांकन सरल हो सके।

बोली लगाना, ऑर्डर देना, स्वीकृति, बिलिंग और भुगतान जैसे सभी खरीद गतिविधियां डिजिटल रूप से की जाती हैं, जिससे मध्यस्थों पर निर्भरता कम होती है और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और सरकारी खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। यह कदम सरकारी खरीद प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वुमानिया पहल क्या है?
वुमानिया पहल एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को सरकारी खरीद में शामिल करना है।
जीईएम प्लेटफॉर्म पर कितनी महिला एमएसई पंजीकृत हैं?
जीईएम प्लेटफॉर्म पर 2.1 लाख से अधिक महिला नेतृत्व वाले एमएसई पंजीकृत हैं।
महिला उद्यमियों को कितने ऑर्डर्स मिले हैं?
महिला उद्यमियों को 13.7 लाख ऑर्डर्स प्राप्त हुए हैं।
इस पहल का क्या लाभ है?
इस पहल से महिला उद्यमी सीधे सरकारी खरीदारों से जुड़कर अपने उत्पाद बेच सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
इस योजना में कौन-कौन सी श्रेणियाँ शामिल हैं?
इस योजना में हस्तशिल्प, हथकरघा, जूट, नारियल, गृह सज्जा और कार्यालय साज-सज्जा जैसी श्रेणियाँ शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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