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अमित शाह का आरोप: ममता सरकार ने दार्जिलिंग मुद्दों पर चर्चा से किया इनकार

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अमित शाह का आरोप: ममता सरकार ने दार्जिलिंग मुद्दों पर चर्चा से किया इनकार

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि ममता बनर्जी की सरकार ने दार्जिलिंग और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए उनकी तीन बैठक प्रस्तावों को खारिज कर दिया। यह स्थिति राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी की सरकार ने दार्जिलिंग मुद्दों पर चर्चा के प्रस्ताव खारिज किए।
अमित शाह ने गोरखाओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
गोरखालैंड आंदोलन से संबंधित शिकायतें वापस होंगी।
भाजपा की जीत का विश्वास जताया गया।
दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।

कोलकाता, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बताया कि पिछले डेढ़ साल में उत्तर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कुर्सेओंग की पहाड़ियों में निवास कर रहे लोगों के मुद्दों और वहां के गोरखाओं की मांगों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने तीन बैठक प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है।

बुधवार को सुबह, उन्हें दार्जिलिंग के लेबोंग ग्राउंड पर एक सार्वजनिक बैठक करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां नहीं उतर सका, जिस वजह से उन्होंने सात मिनट का एक वीडियो संदेश जारी किया।

वीडियो संदेश में गृह मंत्री ने कहा कि मैंने पहाड़ियों और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तीन बार बैठकें आयोजित करने की बात की, लेकिन ममता बनर्जी ने इस संदर्भ में अपना कोई प्रतिनिधि नई दिल्ली नहीं भेजा। वे नहीं चाहतीं कि दार्जिलिंग में निवास करने वाले गोरखाओं को न्याय और उनके जायज़ अधिकार प्राप्त हों।

अमित शाह ने कहा, "आप चिंतित न हों। 5 मई को राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद, हमारा प्राथमिक कार्य गोरखाओं की समस्याओं को सुलझाना होगा। गोरखालैंड आंदोलन से संबंधित गोरखाओं के खिलाफ पहले दर्ज की गई सभी शिकायतें और केस वापस लिए जाएंगे।"

बैठक में न पहुँच पाने का खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि वे 21 अप्रैल को फिर से दार्जिलिंग जिले के सुकना में आएंगे, जो 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव के प्रचार का अंतिम दिन होगा। उन्होंने कहा, "मैं पिछले कुछ दिनों से राज्य में भ्रमण कर रहा हूं। मेरा अनुभव कहता है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत निश्चित है। तब गैरकानूनी घुसपैठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के दिन समाप्त हो जाएंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो गोरखाओं की समस्याओं को अनदेखा कर रही है। इस मुद्दे पर चर्चा आवश्यक है, ताकि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने दार्जिलिंग मुद्दों पर क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने दार्जिलिंग और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए तीन बैठक प्रस्तावों को खारिज कर दिया।
क्या ममता बनर्जी ने कोई प्रतिनिधि भेजा?
नहीं, अमित शाह ने बताया कि ममता बनर्जी ने इस मामले पर चर्चा के लिए कोई प्रतिनिधि नई दिल्ली नहीं भेजा।
भाजपा की सरकार बनने के बाद क्या होगा?
अमित शाह ने कहा कि 5 मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद गोरखाओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या गोरखालैंड आंदोलन के मामले वापस होंगे?
जी हां, अमित शाह ने कहा कि गोरखालैंड आंदोलन से संबंधित सभी शिकायतें वापस ले ली जाएंगी।
अमित शाह कब फिर से दार्जिलिंग आएंगे?
अमित शाह ने कहा कि वे 21 अप्रैल को दार्जिलिंग जिले के सुकना आएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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