दार्जिलिंग में अमित शाह की जनसभा: लोग बदलाव की मांग कर रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
दार्जिलिंग, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। वहां की जनता की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
दार्जिलिंग के एक निवासी ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के दौरान अमित शाह ने हमें बहुत समर्थन दिया। उस समय हम 11 लोग यूएई में थे; उनकी मदद से ही हम अपने घर दार्जिलिंग लौट सके। कोविड के समय में भी उन्होंने हमारी मदद की।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि यहाँ सड़क और पानी की समस्या है। केंद्र सरकार की हर घर नल से जल योजना का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। अमित शाह की जनसभा के बारे में उन्होंने कहा कि हम उनकी बातें सुनेंगे।
लीना राय ने कहा कि बेरोजगारी को समाप्त किया जाना चाहिए, शिक्षा की व्यवस्था सुधारनी होगी, और अच्छी सड़कें बनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दार्जिलिंग में शराब पर प्रतिबंध होना चाहिए, क्योंकि बच्चे बहुत शराब पीते हैं। चुनाव के समय राज्य सरकार थोड़ी बहुत काम करती है, लेकिन जीतने के बाद काम करना बंद कर देती है।
रोमा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना है। इससे दार्जिलिंग के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा कि हर चीज में घोटाला हो रहा है, जबकि भाजपा की सरकार में ऐसा नहीं होगा।
डीबी लिंबू ने कहा कि यहाँ विकास कार्यों का अभाव है, इसलिए हम सरकार बदलने की इच्छा रखते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि यदि इस महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो दार्जिलिंग, कुरसियांग और कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान निकाला जाएगा और इन्हें राज्य से अलग नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि 'हम अपने गोरखा भाइयों की मांग का राजनीतिक समाधान करेंगे, लेकिन पहाड़ों को पश्चिम बंगाल से अलग नहीं किया जाएगा। साथ ही पूरे उत्तर बंगाल के विकास पर हमारा ध्यान रहेगा और हम वहां चार बड़े टाउनशिप बनाएंगे।'