स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला: महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का विरोध
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नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद में महिलाओं के आरक्षण के संशोधन विधेयक के गिरने पर भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की इच्छुक नहीं है। नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कल विपक्ष के द्वारा अपनाए गए कदम यह दर्शाते हैं कि वे कभी भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं देना चाहते।
स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि 2010 में जब विपक्ष सत्ता में था, तब भाजपा ने राज्यसभा में कांग्रेस का समर्थन किया था। उस समय कांग्रेस के पास इस विधेयक को पास कराने का पूरा अवसर था। भाजपा ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह इसका समर्थन करेगी। यदि कांग्रेस चाहती, तो 33 प्रतिशत महिलाओं के आरक्षण का विधेयक पारित हो सकता था, लेकिन कांग्रेस ने इसे निष्क्रिय छोड़ दिया। जब 2023 में भाजपा ने इसे फिर से प्रस्तावित किया, तो कांग्रेस ने इसे लागू करने की मांग की, लेकिन अब जब भाजपा इसे लागू करने की बात कर रही है, तो कांग्रेस पीछे हट रही है। कांग्रेस पार्टी को महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने में कोई विश्वास नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को संबोधित करने पर, भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण निश्चित रूप से सरकार की दिशा और भविष्य की रूपरेखा को दर्शाएगा। हमारे लिए 2023 में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना सबसे महत्वपूर्ण पल था। हमें उम्मीद थी कि सभी राजनीतिक दल अपने मतभेदों को छोड़ कर इस प्रावधान को पारित करेंगे, ताकि आगामी लोकसभा में महिलाओं को उचित भागीदारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, जो इतनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं, उन्होंने असल में देश की साधारण महिलाओं को धोखा दिया है। भाजपा को हराने के लिए उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव का इंतजार करना होगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता से अपेक्षित गंभीरता एक बार फिर नहीं दिखाई दी। यह एक महत्वपूर्ण अवसर था, क्योंकि संसद में आधी आबादी के लिए न्याय सुनिश्चित करने वाले संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा चल रही थी, लेकिन राहुल गांधी ने इस पर कोई सार्थक विचार प्रस्तुत नहीं किया।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इंडी गठबंधन के साथी जिस तरह 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिरने का जश्न मना रहे हैं, उससे उनके असली इरादे साफ हो गए हैं। यह दर्शाता है कि वे कभी भी महिलाओं को संसद में उचित प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहते थे। जब सभी ने मिलकर इस विधेयक को पारित करने का प्रयास किया, तब ऐसा लगा कि हर कोई समर्थन कर रहा था, लेकिन जैसे ही इसे लागू करने का समय आया, वे पीछे हट गए। जिस तरह वे जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं, उसे देश की महिलाएं देख रही हैं। देश की नारी शक्ति किसी के बहकावे में नहीं आने वाली है। उन्होंने विपक्ष के चरित्र को साफ तौर पर पहचान लिया है।