महिला आरक्षण विधेयक पर अधीर रंजन चौधरी का हमला: 'BJP राजनीतिक फायदे के लिए कर रही इस्तेमाल'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 8 अगस्त को मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे का उपयोग महज एक राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। उनके अनुसार, सरकार के पास महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने के लिए संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसीलिए वह विपक्षी दलों को भ्रमित करने और अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी है।
चौधरी का केंद्र पर सीधा आरोप
चौधरी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का नाम लेते हुए कहा कि वे भलीभांति जानते हैं कि यह विधेयक पारित कराना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'महिला सशक्तीकरण का जिक्र महज एक बहाने के रूप में किया जा रहा है।' उनके अनुसार, यदि सरकार को वास्तव में महिलाओं के उत्थान की चिंता होती, तो वह लोकसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाती।
संख्याबल की कमी और विपक्ष को साधने की कोशिश
चौधरी ने स्पष्ट किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास फिलहाल संसद में विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं है। इसी कमी को पूरा करने के लिए, उनके अनुसार, सरकार अन्य राजनीतिक दलों के सांसदों को 'फुसलाने और गुमराह करने' का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीति से सरकार को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने वाले।
राहुल गांधी पर टिप्पणियों को लेकर पलटवार
चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में 'इधर-उधर की बातें' करने से सरकार को कोई लाभ नहीं होगा। उनका सुझाव था कि सरकार को अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
महिला आरक्षण: राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक दशकों से भारतीय संसद में लंबित मुद्दा रहा है। विभिन्न सरकारों ने समय-समय पर इसे पारित कराने का प्रयास किया, लेकिन राजनीतिक सहमति के अभाव में यह अटकता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और महिला मतदाताओं को साधना सभी दलों की प्राथमिकता बन गई है।
आगे की राजनीतिक दिशा
चौधरी के इन बयानों से स्पष्ट है कि महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच खाई और गहरी हो सकती है। संसद के आगामी सत्र में इस विधेयक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, जब सरकार को अपना संख्याबल साबित करना होगा।