महिला आरक्षण बिल: 2023 में पास होने के बाद भी लागू न होने पर तारिक अनवर का भाजपा पर सवाल
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नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल के संसद में गिरने के बाद एनडीए और विपक्षी दलों पर आरक्षण विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस के सांसद तारिक अनवर ने यह दावा किया है कि भाजपा ने महिलाओं के आरक्षण का हक छीन लिया है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में तारिक अनवर ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को 2023 में संसद में सर्वसम्मति से पास किया गया था, तो फिर भाजपा ने इसे लागू क्यों नहीं किया? तीन साल बाद भाजपा को अचानक यह मुद्दा क्यों याद आया?
कांग्रेस सांसद ने यह सवाल उठाया कि जब पांच राज्यों के चुनाव हो रहे हैं, उस समय भाजपा संसद में महिला आरक्षण संशोधन बिल क्यों लाकर इसे लागू करने की इतनी जल्दी दिखा रही है?
तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर इस बिल को डिलिमिटेशन और जनगणना से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले, यह उनकी साजिश है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के यूसीसी लागू करने और घुसपैठियों को बाहर करने के बयान पर तारिक अनवर ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि इनके पास घुसपैठियों के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। इन्होंने 12 साल में कोई काम नहीं किया। अगर केंद्र सरकार में कोई उल्लेखनीय काम किया होता, तो आज बंगाल के लोगों के सामने जाते और बताते कि हमने 12 साल में क्या किया। काला धन लाया, गरीबी कम की, बेरोजगारी दूर की और भ्रष्टाचार घटाया, लेकिन ये इन मुद्दों पर बात नहीं करते, केवल घुसपैठियों का राग अलापते हैं। चुनाव आते ही घुसपैठिए इनका एकमात्र मुद्दा बन जाते हैं।
कांग्रेस सांसद ने थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला पर कहा कि बच्चों पर बेवजह दबाव डाला जा रहा है।
आरएसएस प्रमुख के बयान पर तारिक अनवर ने टिप्पणी की कि भारत एक बहु-धार्मिक, बहु-भाषाई और बहु-सांस्कृतिक देश है। हमारे पूर्वजों और संविधान निर्माताओं ने देश को धर्मनिरपेक्ष बनाया है। संविधान में सभी को साथ लेकर चलने का पूरा ध्यान रखा गया है।