महिलाओं के प्रति सरकार का योजनाबद्ध राजनीतिक खेल: अवधेश प्रसाद का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का अस्वीकृति भाजपा की योजनाबद्ध चाल है।
- सपा सांसद ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
- उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का भविष्य संदिग्ध है।
लखनऊ, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार दिया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय सरकार पर तीखा हमला किया।
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह महिला बिल नहीं बल्कि भाजपा द्वारा चलाया गया योजनाबद्ध राजनीतिक खेल था। इस खेल में 11 वर्षों के बाद सदन में सरकार को घेर लिया गया और वह बहुमत से पीछे रह गई। जैसे ही वे हारे, उसके एक मिनट बाद पर्चा बंटने लगा। क्या उन्हें पहले से पता था कि बिल गिर जाएगा?"
उन्होंने सरकार पर राजनीतिक चालाकी का आरोप लगाते हुए कहा, "सरकार इस सोच में थी कि यह बिल गिरेगा, और इसका प्रभाव विपक्ष पर पड़ेगा। विपक्ष पूरी तरह से महिलाओं और उनके सम्मान के पक्ष में है। सरकार ने सोचा था कि वह परिसीमन बिल लाएगी। सरकार महिलाओं को हिस्सा नहीं देना चाहती थी, लेकिन आज उनकी चालबाजी की हार हुई है। 2023 में ही महिला बिल सर्वसम्मति से पास हो चुका है, फिर इसे लागू क्यों नहीं किया गया?"
सपा सांसद ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफर समाप्त होने वाला है। उन्होंने कहा, "भाजपा का अच्छा दिन समाप्त हो रहा है। उन्हें पता है कि उत्तर प्रदेश में 2027 में उनकी सरकार जाएगी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी। वे लोगों के मन में भ्रम उत्पन्न कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, "सरकार की साजिश यह थी कि देश में पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों और दलितों को हक न दिया जाए, लेकिन सपा इस संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारे नेता ने सदन में स्पष्ट कहा था कि वे महिला बिल के विरोध में नहीं हैं, बल्कि उनके सम्मान और सुरक्षा के पक्ष में हैं।"