कोलंबो में सजित प्रेमदासा और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की ऐतिहासिक मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- भारत और श्रीलंका के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने का प्रयास।
- साझा इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा।
- मछुआरों के मुद्दों का मानवीय समाधान।
- 450 मिलियन पैकेज के तहत परियोजनाओं पर चर्चा।
- द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम।
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका के विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने रविवार को कोलंबो में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्थिक सहयोग का विस्तार करने तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की।
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, "श्रीलंका के विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा से रविवार को कोलंबो में मुलाकात की। हमने व्यापार और आर्थिक सहयोग के विस्तार तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की।"
वहीं, सजित प्रेमदासा ने भी भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की पहली द्विपक्षीय यात्रा का स्वागत किया।
सजित प्रेमदासा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का श्रीलंका में उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। वार्ता के दौरान हमने व्यापार के विस्तार, आर्थिक संबंधों को गहरा करने और ऐसे व्यावहारिक अवसरों को खोलने पर सार्थक चर्चा की, जिनसे हमारे दोनों देशों को लाभ मिल सके।"
उन्होंने आगे लिखा, "श्रीलंका और भारत केवल पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि हम साझा इतिहास, साझा चुनौतियों और साझा भविष्य वाले सच्चे साझेदार हैं। अब समय आ गया है कि हम और अधिक महत्वाकांक्षा, इरादे और विश्वास के साथ आगे बढ़ें, ताकि इस साझेदारी का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंच सके।"
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में श्रीलंका में हैं। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 19 और 20 अप्रैल के दो दिवसीय श्रीलंका दौरे पर कई नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह भारत के किसी उपराष्ट्रपति का पहला आधिकारिक श्रीलंका दौरा है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से भी मुलाकात की। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी साझा इतिहास, मजबूत सभ्यता और लोगों के बीच संबंधों पर चर्चा की।
उन्होंने भारतीय आवास परियोजना और श्रीलंका में दितवाह चक्रवात से प्रभावित इलाकों के लिए 450 मिलियन पैकेज के तहत लागू किए जा रहे परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर चर्चा की। इसमें भारतीय मूल के तमिल समुदाय के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सुधार और पुनर्वास की कोशिशें भी शामिल हैं। दोनों पक्षों ने मछुआरों के मुद्दों को मानवीय तरीके से सुलझाने पर चर्चा की और दोनों तरफ के मछली पकड़ने वाले समुदायों की रोजी-रोटी पर भी ध्यान दिया।