उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन श्रीलंका की यात्रा पर, महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करेंगे
सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 19-20 अप्रैल को श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे।
- यह यात्रा उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
- उपराष्ट्रपति की मुलाकात अनुरा कुमारा दिसानायके और डॉ. हरिणी अमरासुरिया से होगी।
- उन्हें भारतीय मूल के तमिल समुदाय के नेताओं के साथ संवाद करना है।
- इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत 50,000 घरों का निर्माण किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 19 से 20 अप्रैल के बीच श्रीलंका के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट रिपब्लिक की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी।
इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से भेंट करेंगे। 19 अप्रैल को उनकी मुलाकात श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिणी अमरासुरिया और अन्य प्रमुख व्यक्तियों से भी होगी। इसी दिन उपराष्ट्रपति भारतीय मूल के तमिल समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। इसके बाद, वे कोलंबो में एक सामुदायिक समारोह में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वे 'इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट' के तीसरे चरण के तहत भारत सरकार द्वारा निर्मित घरों को तमिल समुदाय के लाभार्थियों को वर्चुअल माध्यम से सौंपेंगे। इस परियोजना के तहत कुल 50,000 घरों का निर्माण किया जाएगा और चौथे चरण में 10,000 नए घरों का निर्माण कार्य चल रहा है।
20 अप्रैल को उपराष्ट्रपति नुवारा एलिया की यात्रा करेंगे, जहाँ वे भारतीय आवास परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे और स्थानीय तमिल समुदाय के साथ संवाद करेंगे। यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय वार्ताओं के तर्क में हो रही है। इससे दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी सभ्यता और जन-दर-जन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
पिछले महीने, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत द्वारा प्रदान की गई त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया था। भारत से भेजी गई 38,000 मीट्रिक टन ईंधन की खेप कोलंबो पहुँच चुकी है। 24 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी और अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की गई।
दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों की समीक्षा की और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। 23 मार्च को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी बातचीत की थी। इस दौरान पश्चिम एशिया संकट के प्रभावों पर चर्चा की गई और भारत ने 'पड़ोसी पहले' और 'विजन महासागर' की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।