24 जुलाई 2026
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भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम

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भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम

सारांश

भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका जा रहे हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जानें इस दौरे के महत्व और संभावित परिणामों के बारे में।

मुख्य बातें

भारत के उपराष्ट्रपति का श्रीलंका दौरा 19-20 अप्रैल 2026 को होगा।
यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने में सहायक होगा।
उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलेंगे।
भारत ने श्रीलंका को फ्यूल की सहायता भेजी है।
नमल राजपक्षे ने भारत की नीतियों की सराहना की है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आगामी 19-20 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के दौरे पर जाएंगे। यह भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा श्रीलंका का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा।

इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही, वह श्रीलंका के प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या से भी संवाद करेंगे। इसके अलावा, वे अन्य प्रमुख व्यक्तियों तथा भारतीय समुदाय के नेताओं से भी बातचीत करेंगे।

श्रीलंका, भारत के विजन महासागर और नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उपराष्ट्रपति का यह दौरा हाल में हुई उच्चस्तरीय मीटिंग के बाद हो रहा है, और इससे दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी रिश्तों को और मजबूती मिलेगी।

ज्ञात हो कि, पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते तेल संकट भी उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में, पिछले महीने भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन फ्यूल की सहायता भेजी थी।

भारत की इस सहायता के लिए श्रीलंकाई नेताओं ने आभार व्यक्त किया है। नमल राजपक्षे, जो कि सांसद और श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के राष्ट्रीय आयोजक हैं, ने श्रीलंकाई सरकार को सलाह दी कि वे फ्यूल टैक्स एडजस्टमेंट जैसे मॉडल पर विचार करें। उन्होंने भारत की नीतियों की सराहना की।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने एक बार फिर श्रीलंका को 38,000 टन पेट्रोलियम की समय पर शिपमेंट देकर नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी को बनाए रखा है। भारत हमेशा संकट के समय में श्रीलंका के लिए सबसे पहले खड़ा रहता है।"

उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से भारत का मॉडल अपनाने की सलाह दी और कहा कि सरकार को अपनी आर्थिक नीतियों को मजबूत करना होगा। भारत ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है ताकि कीमतें स्थिर रहें और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव को रोका जा सके।

श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत सरकार के सकारात्मक रुख पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण श्रीलंका को होने वाली फ्यूल सप्लाई में रुकावटों का जिक्र किया था। भारत ने तुरंत सहायता का हाथ बढ़ाया, जिसके लिए वे आभारी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के उपराष्ट्रपति का श्रीलंका दौरा कब है?
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा 19-20 अप्रैल 2026 को होगा।
इस दौरे का उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
उपराष्ट्रपति किससे मिलेंगे?
उपराष्ट्रपति श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका और प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या से मिलेंगे।
भारत ने श्रीलंका को कितनी मदद भेजी है?
भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन फ्यूल की मदद भेजी है।
नमल राजपक्षे ने भारत की कौन सी नीति की सराहना की है?
नमल राजपक्षे ने भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी की सराहना की है।
राष्ट्र प्रेस
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