पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा का भविष्य अंधकार में: प्रमोद तिवारी
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा के खिलाफ माहौल बढ़ रहा है।
- महिला आरक्षण बिल का पहले ही समर्थन किया गया है।
- हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर तिवारी की आलोचना।
- भारत का अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर सवाल उठाया गया।
लखनऊ, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर यह दावा किया है कि इन राज्यों में भाजपा के खिलाफ वातावरण है और उनकी सरकार का बनना संभव नहीं है। भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है।
लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए, कांग्रेस सांसद ने कहा कि भाजपा पांच राज्यों में किसी भी तरह से सरकार बनाने का सपना देख रही है, लेकिन मैं पांच राज्यों से मिल रहे फीडबैक के आधार पर कह सकता हूं कि भाजपा सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और हमारे पक्ष में माहौल है।
महिला आरक्षण बिल पर, प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के सहयोग से यह पहले ही पारित हो चुका है और इसका कोई विरोध नहीं हुआ। हमने कहा था कि एक तिहाई महिलाओं का आरक्षण दिया जाए। यह बिल निसंदेह महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा, लेकिन चुनाव के समय इसको कहने की कोई जरूरत नहीं है। इसे राजनीतिक लाभ के लिए सत्र में लाया जा रहा है। 16 अप्रैल से स्पेशल सत्र में इस बिल पर चर्चा होगी, ताकि इसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर कांग्रेस सांसद ने पलटवार करते हुए कहा कि जब सामने हार दिखाई पड़ती है, तो व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। भ्रष्टाचार और अपराध के कारण असम में सरमा का जाना तय है। वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे।
उन्होंने कहा कि सभी को मालूम है कि चुनाव के बाद सजा मिलने पर भाजपा के प्रति वफादारी दिखाने के लिए कुछ ज्यादा ही इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। मैं उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहता, लेकिन यह इस काबिल है कि कोई भी अपशब्द इनके लिए छोटा पड़ जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान पर दिए बयान पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह का बयान ट्रंप ने दिया, वह किसी संतुलित व्यक्ति द्वारा नहीं दिया जा सकता। अस्पताल और स्कूल पर बमबारी हो रही है। यह नरसंहार हो रहा है। दुख इस बात का है कि भारत अपना भूमिका नहीं निभा रहा है। युद्ध चल रहा है और देश में गैस संकट उत्पन्न हो गया है, रसोई गैस के लिए लंबी लाइन है और पेट्रो-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।