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ईरान और अमेरिका के युद्धविराम पर शहबाज शरीफ का इस्लामाबाद में संवाद का न्योता

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ईरान और अमेरिका के युद्धविराम पर शहबाज शरीफ का इस्लामाबाद में संवाद का न्योता

सारांश

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी और दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया। 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

मुख्य बातें

शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा की है।
इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता को स्थायी शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान ने इस प्रक्रिया में बिचौलिए का कार्य किया है।
युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
ईरान की सेना के ऑपरेशन को रोकने की संभावना है यदि हमले रुकते हैं।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद में आमंत्रित किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति की दिशा में सफल होगी।

वास्तव में, अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से आधिकारिक तौर पर सीजफायर की घोषणा की है। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और अन्य स्थानों पर तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हुए हैं। यह युद्धविराम 'तत्काल प्रभाव से' लागू होगा।"

शहबाज शरीफ ने आगे कहा, "मैं इस कदम का स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। मैं उनके प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार, 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आमंत्रित करता हूं, ताकि सभी विवादों का समाधान किया जा सके।"

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने असाधारण बुद्धिमत्ता और समझ का परिचय दिया है, और शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रचनात्मक रूप से जुड़े रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी और हम आने वाले दिनों में और भी सकारात्मक खबरें साझा करने की आशा करते हैं।

इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने युद्धविराम के बीच 10 सूत्रीय प्रस्ताव का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान के खिलाफ हमले रोके जाते हैं, तो उनकी सशस्त्र बल अपने डिफेंसिव ऑपरेशन बंद कर देंगी। अराघची ने यह भी कहा कि दो हफ्ते के समय के लिए ईरान की सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी कमियों पर ध्यान देने के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता बनाया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति के लिए बातचीत की पहल की है। 'इस्लामाबाद वार्ता' की संभावना दोनों देशों के लिए सकारात्मक हो सकती है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा दे सकती है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्लामाबाद वार्ता का उद्देश्य क्या है?
इस्लामाबाद वार्ता का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति स्थापित करना है।
युद्धविराम कब लागू होगा?
युद्धविराम तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
पाकिस्तान का इस प्रक्रिया में क्या रोल है?
पाकिस्तान इस प्रक्रिया में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है।
कौन-कौन से नेता इस वार्ता में शामिल होंगे?
इस वार्ता में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
क्या सेना के ऑपरेशन रोकने की कोई संभावना है?
यदि ईरान के खिलाफ हमले रोके जाते हैं, तो उनकी सशस्त्र बलों के डिफेंसिव ऑपरेशन बंद किए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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