प्रताप सिंह बाजवा की युद्ध के खिलाफ शांति की अपील: 'आंख के बदले आंख दुनिया को अंधा बना देगी'
सारांश
Key Takeaways
- प्रताप सिंह बाजवा ने शांति की अपील की।
- महात्मा गांधी के सिद्धांत का संदर्भ दिया गया।
- वैज्ञानिक प्रगति का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए होना चाहिए।
- बातचीत और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- विभिन्न देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी पर चिंता व्यक्त की गई।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह बाजवा ने वैश्विक तनाव और युद्ध की बयानबाजी पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति की अपील की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "बढ़ते तनाव और युद्ध के माहौल में, हमें एक पल रुककर समझदारी को चुनना चाहिए, न कि विनाश को।"
उन्होंने आगे कहा, "वैज्ञानिक प्रगति को सभ्यताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए, न कि एक-दूसरे को नष्ट करने के लिए। महात्मा गांधी ने हमें याद दिलाया था कि आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा कर देती है।"
बाजवा ने आशा जताई कि बेहतर समझ बनेगी, शांति स्थापित होगी और इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, मानवता संघर्ष से ऊपर उठेगी।
यह बयान उस समय आया है जब विश्व के कई क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के संघर्ष, ऊर्जा संकट और विभिन्न देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने वैश्विक चिंता को जन्म दिया है।
बाजवा ने महात्मा गांधी के अहिंसा और शांति के सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि बदला लेने से समस्याएं हल नहीं होतीं, बल्कि स्थिति और बिगड़ती है। उन्होंने वैज्ञानिक प्रगति का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए करने की बात की, न कि विनाश के लिए।
उन्होंने सभी देशों के नेताओं से अनुरोध किया है कि वे बातचीत और कूटनीति के माध्यम से मानवता को अनावश्यक युद्ध और विनाश से बचाएं।
बाजवा ने इस संदेश के साथ ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस पोस्ट को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले का संकेत दिया था। ट्रंप ने लिखा, "आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा।"