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ऑस्ट्रेलिया में पहली बार महिला अफसर को मिली सेना की कमान, इतिहास रचा

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ऑस्ट्रेलिया में पहली बार महिला अफसर को मिली सेना की कमान, इतिहास रचा

सारांश

ऑस्ट्रेलिया ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार एक महिला अफसर को सेना की कमान देने का निर्णय लिया है। यह बदलाव न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स में महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देगा।

मुख्य बातें

महिला अफसर की कमान: सुजैन कॉयल को आर्मी चीफ बनाया गया।
समानता का संदेश: यह कदम महिलाओं के लिए प्रोत्साहन है।
भविष्य का लक्ष्य: 2030 तक 25 फीसदी महिलाओं की भागीदारी।
अतीत के आरोप: यौन उत्पीड़न और भेदभाव के आरोपों का सामना।
ऐतिहासिक पल: ऑस्ट्रेलिया का 125 साल का इतिहास।

कैनबरा, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया में पहली बार एक महिला अफसर को सेना की कमान सौंपी जाने की घोषणा की गई है। बताया गया कि देश की डिफेंस फोर्स के नेतृत्व में बदलाव के तहत, इतिहास में पहली बार कोई महिला आर्मी को लीड करेगी।

सोमवार को एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा कि जॉइंट कैपेबिलिटीज ग्रुप (जेसीजी) की मौजूदा चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सुजैन कॉयल जुलाई में आर्मी चीफ के रूप में कमान संभालेंगी। वह लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट का स्थान लेंगी।

कॉयल की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री अपने महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। हाल के दिनों में सिस्टमैटिक सेक्सुअल हैरेसमेंट और भेदभाव के कई आरोप सामने आए हैं।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक बयान में कहा, "जुलाई में, ऑस्ट्रेलियाई आर्मी के 125 साल के इतिहास में पहली महिला आर्मी चीफ कमान संभालेंगी।"

रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने सुजैन (55 साल) की नियुक्ति को "ऐतिहासिक पल" करार दिया। उन्होंने कहा, "जैसा कि सुजैन ने मुझसे कहा, आप वह नहीं हो सकते जो आप देख नहीं सकते। सुजैन की यह कामयाबी उन महिलाओं के लिए बहुत मिसाल है जो ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स में काम कर रही हैं और उन महिलाओं के लिए भी जो भविष्य में ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स से जुड़ने की सोच रही हैं।"

कॉयल ने 1987 में सेवा ज्वाइन की थी और कई वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुकी हैं। मार्लेस ने कहा कि वह मिलिट्री की किसी भी सर्विस ब्रांच को लीड करने वाली पहली महिला होंगी।

अभी ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स (एडीएफ) में लगभग 21 फीसदी और शीर्ष पदों पर 18.5 फीसदी महिलाएं हैं। एडीएफ ने 2030 तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के बारे में गंभीरता से विचार किया है। करीब 25 फीसदी का लक्ष्य तय किया गया है।

पिछले साल अक्टूबर में, एडीएफ के खिलाफ एक 'क्लास एक्शन केस' दायर किया गया था जिसमें आरोप लगाया गया कि वह हजारों महिला अधिकारियों को सिस्टमैटिक सेक्सुअल असॉल्ट, हैरेसमेंट, और डिस्क्रिमिनेशन से बचाने में नाकाम रही।

सरकार ने सोमवार को नेवी के मौजूदा चीफ वाइस एडमिरल मार्क हेमंड को भी एडीएफ प्रमुख नियुक्त किया, जो एडमिरल डेविड जॉनस्टन की जगह लेंगे।

नेवी के मौजूदा डिप्टी चीफ, रियर एडमिरल मैथ्यू बकले, हेमंड की जगह ब्रांच के हेड बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में समानता और अवसरों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी भेजता है। यह बदलाव स्त्री-पुरुष समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहली महिला आर्मी चीफ का नाम क्या है?
पहली महिला आर्मी चीफ का नाम लेफ्टिनेंट जनरल सुजैन कॉयल है।
सुजैन कॉयल कब से आर्मी चीफ की कमान संभालेंगी?
सुजैन कॉयल जुलाई में आर्मी चीफ की कमान संभालेंगी।
ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स में महिलाओं की संख्या कितनी है?
ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स में लगभग 21 फीसदी महिलाएं हैं।
2030 तक महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य क्या है?
2030 तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 25 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं?
हाँ, हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री में यौन उत्पीड़न और भेदभाव के कई आरोप लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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