राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को रोजगार और अवसर देने की सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं का सशक्तिकरण: सरकार का स्पष्ट विजन है।
- पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएं: नियुक्तियों में पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जा रहा है।
- सरकारी नौकरियों का लक्ष्य: 4 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है।
- निजी क्षेत्र में रोजगार: लगभग 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।
- राज्य कौशल नीति 2025: उच्च गुणवत्ता वाले कौशल प्रशिक्षण के लिए शुरू की गई है।
जयपुर, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि युवा ही वह प्रेरक शक्ति हैं, जो देश की दिशा और भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने बताया कि 'डबल इंजन' सरकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए स्पष्ट दृष्टि के साथ कार्य कर रही है।
सीएम ने युवाओं को अपने सपनों को साकार करने हेतु प्रयास करने की प्रेरणा दी और उन्हें सरकार के संपूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित 'माई भारत बजट क्वेस्ट: राजस्थान यूथ डायलॉग' कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मंच युवाओं को आर्थिक नीतियों को बेहतर तरीके से समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करते हैं। प्रतिभागियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं और एक समर्पित युवा नीति के निर्माण जैसी महत्वपूर्ण पहलों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
रोजगार और निष्पक्षता पर सरकार के ध्यान को उजागर करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के तुरंत बाद पेपर लीक मामलों की जाँच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
इसका परिणाम यह रहा कि डमी उम्मीदवारों के उपयोग, फर्जी डिग्रियों और भर्ती से संबंधित अन्य अनियमितताओं के सिलसिले में ४२० आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में ३५१ से अधिक परीक्षाएं पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई हैं, जिनमें पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई है।
रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ४ लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य के मुकाबले १.२५ लाख से अधिक युवाओं को पहले ही सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा, निजी क्षेत्र में भी लगभग तीन लाख रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्याज-मुक्त ऋणों और सहायक नीतियों के माध्यम से सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वालों से नौकरी देने वालों (रोजगार सृजक) की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
शर्मा ने बताया कि राजस्थान में सौर ऊर्जा, पर्यटन, कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। सरकार ने बजट-पूर्व परामर्श के दौरान युवाओं के सुझावों को सक्रिय रूप से शामिल किया है और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाला कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 'राज्य कौशल नीति २०२५' शुरू की गई है, जबकि 'राजस्थान युवा नीति २०२५' का उद्देश्य युवाओं का समग्र विकास करना है। करियर मार्गदर्शन प्रदान करने और तनाव-मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए कोटा, उदयपुर, जयपुर, बीकानेर और अजमेर में 'युवा साथी केंद्र' स्थापित किए गए हैं।