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राज्यसभा उपसभापति का चुनाव 17 अप्रैल को, हरिवंश की फिर से उम्मीदवारी संभव

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राज्यसभा उपसभापति का चुनाव 17 अप्रैल को, हरिवंश की फिर से उम्मीदवारी संभव

सारांश

राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव 17 अप्रैल को होगा। एनडीए द्वारा हरिवंश की फिर से उम्मीदवारी की संभावना है, जबकि विपक्षी दल भी अपने उम्मीदवार को मैदान में उतार सकते हैं। यह चुनाव महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तनों का संकेत दे सकता है।

मुख्य बातें

राज्यसभा उपसभापति का चुनाव 17 अप्रैल को होगा।
हरिवंश की फिर से उम्मीदवारी की संभावना है।
विपक्ष भी अपने उम्मीदवार को उतार सकता है।
उपसभापति सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं।
विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा के नए उपसभापति का चुनाव शुक्रवार, १७ अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा हरिवंश को एक बार फिर से इस पद के लिए उम्मीदवार बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

विपक्ष भी एक संयुक्त उम्मीदवार पेश कर सकता है।

यह पद ९ अप्रैल को हरिवंश के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद से खाली है। इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें उच्च सदन का सदस्य नामित किया, क्योंकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से एक सीट खाली हुई थी। हरिवंश ने १० अप्रैल को शपथ ग्रहण किया।

उपसभापति, जब सभापति (जो भारत के उपराष्ट्रपति होते हैं) अनुपस्थित होते हैं, तब राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं।

इस पद पर परंपरागत रूप से निष्पक्षता बनाए रखते हुए बहस का संचालन करना और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना आवश्यक होता है।

चुनाव प्रक्रिया की अध्यक्षता सभापति करते हैं, जो उपराष्ट्रपति होते हैं।

उपसभापति के चुनाव के लिए उम्मीदवार को उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत प्राप्त करना होता है।

संसदीय बुलेटिन के अनुसार, चुनाव सुबह ११ बजे शुरू होगा।

इसी बीच, संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र १६ अप्रैल से बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम, २०२३ और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की जाएगी, ताकि महिला विधायकों के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जा सके।

परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या ५४३ से बढ़कर ८१६ हो सकती है।

कोविड महामारी और इसके बाद की परिस्थितियों के कारण जनगणना में देरी हुई, जो मूल रूप से २०२१ में होनी थी। अब केंद्र सरकार परिसीमन और महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के लिए २०११ की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करने की योजना बना रही है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत शुरू कर दी है।

हालांकि, विपक्षी दल अपने उम्मीदवार को मैदान में उतार सकते हैं, जिससे सहमति की बजाय प्रतिस्पर्धा होने के संकेत मिल रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह २३ अप्रैल को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (२३ और २९ अप्रैल) के चुनावों के बीच हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विभिन्न दलों के बीच की शक्ति संतुलन और उनकी रणनीतियों का पता चलता है। यह चुनाव न केवल वर्तमान राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करेगा, बल्कि भविष्य में संभावित राजनीतिक समीकरणों को भी आकार देगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपसभापति का चुनाव कब होगा?
उपसभापति का चुनाव 17 अप्रैल को होगा।
कौन उम्मीदवार हो सकते हैं?
एनडीए द्वारा हरिवंश की फिर से उम्मीदवारी संभव है, जबकि विपक्ष भी एक संयुक्त उम्मीदवार पेश कर सकता है।
उपसभापति की भूमिका क्या होती है?
उपसभापति, जब सभापति अनुपस्थित होते हैं, तब राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं।
चुनाव में बहुमत कैसे प्राप्त होता है?
उपसभापति के चुनाव के लिए उम्मीदवार को उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत प्राप्त करना होता है।
संसद का विशेष सत्र कब बुलाया गया है?
संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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