पश्चिम बंगाल चुनाव: 26 फरवरी से 6 अप्रैल के बीच अवैध वस्तुओं की जब्ती 327.44 करोड़ रुपए
सारांश
Key Takeaways
- 327.44 करोड़ रुपए की अवैध वस्तुओं की जब्ती
- राज्य में 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों की तैनाती
- चुनाव के लिए 20,000 महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
- अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों पर कार्रवाई
- चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं
कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जानकारी दी है कि 26 फरवरी से 6 अप्रैल के बीच पश्चिम बंगाल में लगभग 327.44 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध और अनधिकृत वस्तुएं जब्त की गई हैं। राज्य इस महीने के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण दो-चरणीय विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने एक प्रेस बयान जारी कर अवैध और अनधिकृत वस्तुओं की जानकारी साझा की है।
बयान में उल्लेख किया गया कि कुल 11.01 करोड़ रुपए की वस्तुएं जब्त की गईं। अवैध शराब का मूल्य 57.71 करोड़ रुपए है, जबकि मादक पदार्थों और नारकोटिक्स का मूल्य 67.35 करोड़ रुपए है। इसी अवधि में जब्त की गई कीमती धातुओं का मूल्य 38.55 करोड़ रुपए रहा, जबकि अन्य सामानों की कीमत 162.80 करोड़ रुपए है।
बयान के अनुसार, 4 अप्रैल तक राज्य में 251 बिना लाइसेंस वाले हथियार और हथियार सामग्रियां जब्त की गईं और कारतूसों की संख्या 401 है। इसी अवधि में 127.7 किलोग्राम विस्फोटक और 887 बम जब्त किए गए।
साथ ही, राज्य सीईओ कार्यालय ने अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापनों को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाने की जानकारी दी है।
बयान में आगे कहा गया, "ईसीआई यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों के साथ संपन्न हों। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है। पश्चिम बंगाल सीईओ कार्यालय मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुपालन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की कड़ी निगरानी कर रहा है।"
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। राज्य में लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है।
विशेष बात यह है कि यह तैनाती पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से अधिक है, जो इस बार सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।
इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां, चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।