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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘आरटीआई-दो दशकों का सफर’ पुस्तक का अनावरण किया

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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘आरटीआई-दो दशकों का सफर’ पुस्तक का अनावरण किया

सारांश

अहमदाबाद में हर्ष संघवी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की 20वीं वर्षगांठ पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन किया, जो कानूनों और निर्णयों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है।

मुख्य बातें

आरटीआई के 20 वर्ष का इतिहास प्रशासनिक आदेशों का विस्तृत विवरण सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय पारदर्शिता और सुशासन में बढ़ावा गुजरात सूचना आयोग की भूमिका

अहमदाबाद, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को अहमदाबाद में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सूचना का अधिकार – दो दशकों का सफ़र’ शीर्षक वाली पुस्तक का विमोचन किया।

यह पुस्तक गुजरात सूचना आयोग द्वारा तैयार की गई एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री है, जिसमें आरटीआई कानून के विकास, संस्थागत ढांचे तथा महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी समाहित की गई है।

विमोचन समारोह अहमदाबाद स्थित गुजसैल में आयोजित हुआ, जहाँ आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में डिप्टी सीएम ने इस पुस्तक का अनावरण किया।

इस अवसर पर संघवी ने कहा कि सूचना का अधिकार, 2005 ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने में एक प्रभावी साधन के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह नई पुस्तक सरकारी कर्मचारियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस पुस्तक में आरटीआई कानून की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके प्रावधान, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए नियम तथा इसके क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेशों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।

इसके अलावा, इसमें गुजरात सूचना आयोग की स्थापना, संगठनात्मक संरचना, कार्यप्रणाली और कार्य संचालन की प्रक्रिया को सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ प्रदर्शित किया गया है, जिससे आरटीआई आवेदनों और उनके समाधान की स्थिति को समझा जा सके।

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न हाईकोर्ट्स और सूचना आयोगों के 201 महत्वपूर्ण फैसलों का संग्रह है, जो यह दर्शाता है कि न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निर्णयों ने पिछले दो दशकों में आरटीआई कानून के व्यावहारिक स्वरूप को कैसे आकार दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रकाशन कानून के कानूनी, प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं को एक ही स्थान पर समेटने वाला एक समग्र दस्तावेज है, जो पारदर्शिता और सुशासन से जुड़े सभी हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान स्रोत के रूप में कार्य करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण ज्ञान का स्रोत साबित होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पुस्तक में क्या विशेष है?
इस पुस्तक में आरटीआई कानून की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रावधान, और महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का संग्रह है।
गुजरात सूचना आयोग की भूमिका क्या है?
गुजरात सूचना आयोग आरटीआई के अंतर्गत सूचना के अधिकार को लागू करने और उसके निपटारे की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाता है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?
यह पुस्तक सरकारी कर्मचारियों, शोधकर्ताओं, और आम नागरिकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका है।
इस पुस्तक का विमोचन कब हुआ?
इस पुस्तक का विमोचन 13 अप्रैल को अहमदाबाद में किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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