28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू के ग्रामीण क्षेत्रों में बैसाखी का धूमधाम, किसानों ने फसलों की कटाई की शुरुआत की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू के ग्रामीण क्षेत्रों में बैसाखी का धूमधाम, किसानों ने फसलों की कटाई की शुरुआत की

सारांश

जम्मू के मारह ब्लॉक में बैसाखी का त्योहार मनाने के दौरान किसानों ने अपनी फसलों की कटाई शुरू की। इस अवसर पर ढोल की थाप पर नाचकर और मिठाइयां बांटकर खुशी का इज़हार किया गया।

मुख्य बातें

बैसाखी का त्योहार किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
किसान इस दिन फसल की कटाई करते हैं।
यह त्योहार सामूहिक खुशी और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
मौसम ने इस वर्ष किसानों को खुश रखा।
ढोल की थाप पर नाचना एक परंपरा है।

जम्मू, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू के मारह ब्लॉक में अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े गांवों में किसानों ने बैसाखी का त्योहार ज़ोरदार उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर किसानों ने ढोल की थाप पर नाचते हुए और एक-दूसरे के साथ मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इज़हार किया।

इसके साथ ही, पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए किसानों ने बैसाखी के इस शुभ अवसर पर अपनी फसलों की कटाई भी प्रारंभ कर दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि किसान इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं और ईश्वर का नाम लेकर फसल की कटाई शुरू करते हैं।

किसान यशपाल चंद्र ने राष्ट्रीय प्रेस से बातचीत में कहा कि आज बहुत खुशियों भरा दिन है। सभी लोग फसल काटने के लिए एकत्रित हुए हैं। अनाज बेचकर हम अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। दो-तीन दिन पहले हुई बारिश से लोग चिंतित थे, लेकिन अब मौसम साफ है। भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं कि फसल की कटाई के समय बारिश नहीं हो रही है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारी फसल सुरक्षित घर पहुंचे।

किसान राजकुमार ने कहा कि हम सभी बहुत खुश हैं। पिछली बार हमने पंडित को बुलाकर पूजा भी कराई थी। पिछले दिनों की बारिश से थोड़ी घबराहट थी, लेकिन अब हम सभी खुश हैं। हमने ढोल बजाकर डांस किया है। फसल बेचकर हम पैसे लाकर अपने परिवार की समस्याएं हल करेंगे।

सरपंच ने कहा कि लोग मुझे बैसाखी के दिन कटाई की शुभ शुरुआत के लिए बुलाते हैं। सभी लोग ढोल-नगाड़े और मंत्रोच्चार के साथ कटाई प्रारंभ कर चुके हैं। सभी लोग उत्साहित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामूहिक खुशी और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैसाखी का त्योहार क्यों मनाया जाता है?
बैसाखी का त्योहार फसल की कटाई का प्रतीक है और यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होता है।
किसान इस दिन को कैसे मनाते हैं?
किसान इस दिन ढोल की थाप पर नाचते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और फसलों की कटाई करते हैं।
इस वर्ष बैसाखी का मौसम कैसा रहा?
इस वर्ष बैसाखी पर मौसम साफ रहा, जिससे किसानों को फसल की कटाई में कोई परेशानी नहीं हुई।
बैसाखी का महत्व क्या है?
बैसाखी का महत्व कृषि के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में भी है।
क्या बैसाखी का त्योहार केवल जम्मू में मनाया जाता है?
नहीं, बैसाखी का त्योहार पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है, लेकिन हर क्षेत्र में इसके मनाने का तरीका अलग हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले