28 जुलाई 2026
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शमशाद बेगम: भारतीय संगीत की शान, जिन्होंने गाए लगभग छह हजार गाने

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शमशाद बेगम: भारतीय संगीत की शान, जिन्होंने गाए लगभग छह हजार गाने

सारांश

शमशाद बेगम का जन्म 14 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ। अद्भुत आवाज के साथ उन्होंने बिना प्रशिक्षण के लगभग छह हजार गाने गाए। उनकी यात्रा से लेकर विवाह तक की कहानी जानें।

मुख्य बातें

शमशाद बेगम का जन्म 14 अप्रैल 1919 को हुआ था।
उन्होंने लगभग छह हजार गाने गाए।
वह 1940 से 1950 के दशक में सबसे अधिक वेतन पाने वाली गायिकाओं में शामिल थीं।
उनकी शादी एक हिंदू से हुई थी, जो एक अनोखी कहानी है।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध भारतीय गायिका शमशाद बेगम का जन्म 14 अप्रैल 1919 को अमृतसर में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके मन में संगीत की गहरी रुचि थी, जिसके चलते उन्होंने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के ही अपनी शानदार आवाज से पहचान बनाई। उन्होंने कुल मिलाकर लगभग छह हजार गाने गाए।

वर्ष 1937 में लाहौर और पेशावर के रेडियो पर उन्होंने अपना पहला प्रदर्शन किया था। मास्टर गुलाम हैदर ने उनकी अद्भुत प्रतिभा को पहचाना। वर्ष 1940 में पंजाबी फिल्म यमला जट से उन्होंने फिल्मी करियर की शुरुआत की। 1941 की फिल्म खजांची में उनके गाए गाने 'मेरा हाल वेख के' और कुछ अन्य गाने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सफल रहे। इसके बाद वह मुंबई आ गईं।

मुंबई में नौशाद, ओ.पी. नैय्यर, एस.डी. बर्मन, और सी. रामचंद्र जैसे प्रसिद्ध संगीतकारों ने उनकी प्रतिभा को सराहा। वे इन संगीतकारों की पहली पसंद बन गईं। 1940 से 1950 के दशक में वह सबसे अधिक भुगतान पाने वाली गायिकाओं में से एक थीं।

शमशाद बेगम के कुछ लोकप्रिय गीत जैसे 'मेरे पिया गए रंगून' (पटियाला), 'कभी आर कभी पार' (आर पार), 'काजरा मोहब्बत वाला' (किस्मत), 'लेके पहला पहला प्यार' (सीआईडी), 'होली आई रे कन्हाई' (मदर इंडिया), और 'तेरी महफिल में किस्मत आजमा कर' (मुगल-ए-आजम) आज भी लोगों के बीच बेहद पसंद किए जाते हैं।

लता मंगेशकर के आगमन के बाद भी शमशाद बेगम ने अपनी जगह बनाए रखी। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती, तमिल, और पंजाबी भाषाओं में लगभग 6000 गाने गाए।

उन्हें 2009 में पद्म भूषण और ओ.पी. नैय्यर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 23 अप्रैल 2013 को 94 वर्ष

शमशाद बेगम की शादी की कहानी भी दिलचस्प है। एक मुस्लिम होते हुए भी उन्होंने एक हिंदू से विवाह किया। 1932 में शमशाद बेगम की मुलाकात गणपत से हुई। उस समय उनके परिवार में लड़के की तलाश हो रही थी, लेकिन शमशाद ने अपने प्यार से विवाह करने का निर्णय लिया। दोनों के परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन अंत में प्यार की जीत हुई और उन्होंने शादी कर ली।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शमशाद बेगम का जन्म कब हुआ?
उनका जन्म 14 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ था.
उन्होंने कितने गाने गाए?
उन्होंने लगभग छह हजार गाने गाए.
कौन से प्रसिद्ध संगीतकारों ने शमशाद बेगम की प्रतिभा को पहचाना?
नौशाद, ओ.पी. नैय्यर, एस.डी. बर्मन जैसे संगीतकारों ने उनकी प्रतिभा को पहचाना.
उन्हें किस सम्मान से नवाजा गया?
उन्हें 2009 में पद्म भूषण और ओ.पी. नैय्यर अवार्ड से सम्मानित किया गया.
उनका विवाह किससे हुआ?
उन्होंने गणपत से विवाह किया, जो एक हिंदू थे.
राष्ट्र प्रेस
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