10 अगस्त 2026
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सर्वाइकल दर्द को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में करें छोटे-छोटे बदलाव, जानें लक्षण और उपाय

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सर्वाइकल दर्द को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में करें छोटे-छोटे बदलाव, जानें लक्षण और उपाय

सारांश

क्या आप लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं? गर्दन के दर्द से परेशान हैं? जानें सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस के लक्षण और इसे नियंत्रित करने के उपाय। सही पोस्चर और जीवनशैली में बदलाव से राहत पाएं।

मुख्य बातें

सही पोस्चर अपनाना महत्वपूर्ण है।
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना नुकसानदेह हो सकता है।
छोटे-छोटे ब्रेक लें और अपनी स्थिति को सुधारें।
नियमित व्यायाम करें, विशेष रूप से स्ट्रेचिंग।
जीवनशैली में बदलाव आवश्यक हैं, जैसे सही तकिए का उपयोग।

मुंबई, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आज के डिजिटलीकरण के युग में, मोबाइल और लैपटॉप पर घंटों गर्दन झुकाकर काम करना आम बात है, जिससे गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ने लगती है। हालांकि, लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो गर्दन दर्द एक समान नहीं होता। कुछ मामलों में, यह साधारण मांसपेशियों के खिंचाव के कारण होता है, जबकि कई बार यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसे सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस कहा जाता है।

असल में, यह समस्या रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से से जुड़ी होती है, जिसे सर्वाइकल स्पाइन कहा जाता है। यह हिस्सा सिर को सहारा देने और उसे घुमाने में सहायक होता है। शोध दर्शाते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ इस हिस्से की हड्डियां और डिस्क कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठना, निरंतर स्क्रीन देखना और गर्दन को झुकाकर काम करना इस समस्या को बढ़ा देता है। धीरे-धीरे यह स्थिति दर्द और अकड़न का कारण बन जाती है।

इसके लक्षणों में गर्दन में दर्द के साथ जकड़न, सिरदर्द, कंधों और हाथों तक फैलने वाला दर्द, झुनझुनी या सुन्नपन जैसी समस्याएं शामिल हैं। कभी-कभी नसों पर दबाव पड़ने के कारण हाथों में कमजोरी भी महसूस होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी उपाय सही पोस्चर अपनाना है। लंबे समय तक गर्दन झुकाकर बैठने से रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए, काम करते समय जरूरी है कि स्क्रीन आंखों के स्तर पर हो, पीठ सीधी रहे और गर्दन ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में न रहे। छोटे-छोटे ब्रेक लेना और बार-बार अपनी बैठने की स्थिति को सुधारना भी मददगार साबित होता है।

इसके अलावा, फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हल्की स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज से दर्द और अकड़न में काफी कमी लाई जा सकती है।

जीवनशैली में बदलाव भी इस समस्या से निपटने के लिए आवश्यक है। भारी वजन उठाने से बचना, सही तकिए और गद्दे का उपयोग करना, शरीर को सक्रिय रखना और वजन को नियंत्रित रखना रीढ़ की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही, गर्दन को झटके से घुमाने या अचानक मूवमेंट करने से भी बचना चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि यदि दर्द लगातार बढ़ रहा है, हाथों में कमजोरी या सुन्नपन का अनुभव हो रहा है या सामान्य उपायों से आराम नहीं मिल रहा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस के लक्षण क्या हैं?
इसकी लक्षणों में गर्दन में दर्द, जकड़न, सिरदर्द और हाथों में झुनझुनी शामिल हैं।
सर्वाइकल दर्द को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?
सही पोस्चर अपनाना, नियमित व्यायाम करना और छोटे ब्रेक लेना इसके प्रभावी उपाय हैं।
क्या सर्वाइकल दर्द गंभीर हो सकता है?
हाँ, यदि दर्द बढ़ता है या सामान्य उपायों से राहत नहीं मिलती है, तो विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
क्या गलत पोस्चर से गर्दन में दर्द होता है?
हाँ, लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने से गर्दन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
कौन सी एक्सरसाइज सर्वाइकल दर्द में मदद कर सकती है?
हल्की स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज फायदेमंद होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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