सर्दियों में सर्वाइकल दर्द बढ़ता है? कुछ आसान उपायों से जीवन में बदलाव लाएं

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सर्दियों में सर्वाइकल दर्द बढ़ता है? कुछ आसान उपायों से जीवन में बदलाव लाएं

सारांश

क्या आप भी सर्दियों में सर्वाइकल दर्द का सामना कर रहे हैं? जानें कुछ सरल उपाय, जिनसे आपका दर्द कम हो सकता है। यह लेख आपके लिए नई जीवनशैली अपनाने का एक अच्छा मौका पेश करता है।

मुख्य बातें

सुबह की हल्की एक्सरसाइज सही तकिए गर्म पानी की सिकाई करें।
मैग्नीशियम गर्म तेल से मालिश

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आज की जीवनशैली ऐसी हो गई है कि घंटों तक कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना पड़ता है और बाकी समय भी घर के जरूरी कामों को निपटाने में निकल जाता है।

इस स्थिति में गर्दन और कंधों का दर्द काफी परेशान करने वाला हो जाता है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो सर्वाइकल की समस्याएं शुरू हो सकती हैं, जिससे गर्दन और कंधे के आसपास दर्द, जकड़न और हाथों में रेफरल पेन तक महसूस हो सकता है। सर्दियों का मौसम सर्वाइकल से पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से कठिन होता है।

ठंड के मौसम में जोड़ों और मांसपेशियों में जकड़न बढ़ जाती है, जिससे फ्रोजन शोल्डर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस समस्या में हाथों को हिलाना भी कठिन हो जाता है। ऐसे में कुछ आसान उपायों से सर्दियों में राहत पाई जा सकती है।

सुबह की शुरुआत हल्की एक्सरसाइज से करें। हाथों और कंधों को हल्का मूव करें और धीरे-धीरे गर्दन की मूवमेंट करें। गर्दन को पहले दो दिशाओं में घुमाएं और फिर गोल घुमाएं। यदि गर्दन को घुमाते समय चक्कर आते हैं तो गर्दन को सहारा देने के लिए हाथ का सहारा लें।

बिस्तर पर लेटते समय तकिए का सही उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है। न बहुत ऊंचा, न बहुत नीचा तकिया लगाएं। तकिया उतना ही ऊंचा होना चाहिए जितना कि सिर और रीढ़ की हड्डी एक समान हो सके। जितना हो सके नरम बिस्तर का इस्तेमाल करें। बिस्तर पर मोबाइल चलाने से भी बचें।

सर्दियों में नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें। सहने योग्य गर्म पानी लेकर अपने कंधे, गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर गर्म पानी की सिकाई करें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलेगा और जकड़न कम होगी। इसके अलावा, रात के समय गर्म तिल के तेल से भी कंधों और गर्दन की मालिश करें। इससे दर्द और जकड़न से राहत मिलती है।

उपायों के साथ आहार में बदलाव करना भी जरूरी है। अपने आहार में कैल्शियम और मैग्नीशियम शामिल करें। मांसपेशियों के सही कार्य के लिए मैग्नीशियम ज़रूरी होता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है। मैग्नीशियम के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मेवे जैसे बादाम, काजू, अखरोट, कद्दू के बीज, चिया बीज और साबुत अनाज को शामिल करें। ये सभी आहार पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।

इसके साथ विटामिन बी12 भी आहार में शामिल करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी जीवनशैली में सुधार करें, खासकर जब सर्वाइकल दर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य का मामला नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को भी प्रभावित करता है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वाइकल दर्द के क्या लक्षण होते हैं?
सर्वाइकल दर्द में गर्दन और कंधे के आसपास दर्द, जकड़न और कभी-कभी हाथों में दर्द महसूस हो सकता है।
क्या एक्सरसाइज से सर्वाइकल दर्द ठीक हो सकता है?
हाँ, हल्की एक्सरसाइज से मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द में कमी आ सकती है।
सर्दियों में सर्वाइकल दर्द से कैसे बचें?
सर्दियों में गर्म पानी से सिकाई करें और सही तकिए का इस्तेमाल करें।
मैग्नीशियम का क्या महत्व है?
मैग्नीशियम मांसपेशियों के सही कार्य के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है।
क्या गर्म तेल से मालिश करने से लाभ होता है?
हाँ, गर्म तिल के तेल से मालिश करने से दर्द और जकड़न में राहत मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
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