17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सर्वाइकल दर्द और ऑफिस में लंबे समय तक बैठना: गर्दन की बीमारी अब युवाओं को भी निशाना बना रही है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सर्वाइकल दर्द और ऑफिस में लंबे समय तक बैठना: गर्दन की बीमारी अब युवाओं को भी निशाना बना रही है

सारांश

घंटों स्क्रीन के सामने बैठना और गर्दन झुकाकर मोबाइल देखना अब सिर्फ थकान नहीं — बल्कि सर्वाइकल स्पाइन की गंभीर बीमारी का रास्ता खोल रहा है। युवा कामकाजी वर्ग इस समस्या का नया शिकार बन रहा है। सही मुद्रा और छोटे बदलाव इस दर्द को रोक सकते हैं।

मुख्य बातें

सर्वाइकल स्पाइन में सात हड्डियाँ होती हैं; इन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से गर्दन में दर्द, अकड़न और झनझनाहट होती है।
जो समस्या पहले अधिक उम्र के लोगों में थी, वह अब युवा कामकाजी वर्ग में तेज़ी से बढ़ रही है।
गलत मुद्रा में बैठना और गर्दन झुकाकर मोबाइल देखना सर्वाइकल की प्रमुख वजहें हैं।
लक्षणों में गर्दन की जकड़न, कंधे का दर्द, सिर में भारीपन और हाथों में झनझनाहट शामिल हैं।
हाथों में कमज़ोरी या लगातार दर्द होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श ज़रूरी है।
सही मुद्रा, नियमित व्यायाम और स्क्रीन ब्रेक से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करना और लगातार मोबाइल स्क्रीन की ओर गर्दन झुकाए रखना आज की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है — और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यही आदतें सर्वाइकल स्पाइन की समस्या को तेज़ी से बढ़ा रही हैं। जो तकलीफ कभी 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखी जाती थी, वह अब 20-35 वर्ष के युवा कामकाजी वर्ग में भी आम होती जा रही है।

सर्वाइकल स्पाइन क्या है और यह कैसे प्रभावित होती है

गर्दन के भीतर रीढ़ की हड्डी का जो हिस्सा होता है, उसे सर्वाइकल स्पाइन कहते हैं। इसमें सात छोटी हड्डियाँ होती हैं, जिनके बीच डिस्क होती हैं — ये डिस्क झटकों को सहने और गर्दन को सुचारु रूप से घुमाने में सहायता करती हैं। जब इन हड्डियों, डिस्क या आसपास की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो गर्दन में दर्द, खिंचाव और अकड़न उत्पन्न होती है। गंभीर मामलों में यह दर्द गर्दन से आगे बढ़कर कंधे, हाथ और उंगलियों तक फैल सकता है।

मुख्य कारण: गलत मुद्रा और डिजिटल आदतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गलत तरीके से बैठना सर्वाइकल समस्या की सबसे प्रमुख वजहों में से एक है। जब कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते समय गर्दन आगे की ओर झुकी रहती है, तो गर्दन की मांसपेशियों पर निरंतर दबाव बना रहता है।

मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग भी इस समस्या को बड़े पैमाने पर बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्दन नीचे झुकाकर लंबे समय तक फोन देखने पर गर्दन पर शरीर के सामान्य वजन से कई गुना अधिक दबाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहना, गलत तरीके से सोना, अत्यधिक ऊँचे तकिये का उपयोग, अचानक भारी वजन उठाना और गर्दन पर चोट भी इस बीमारी को जन्म दे सकते हैं।

लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें

सर्वाइकल की शुरुआत प्रायः गर्दन में हल्के दर्द और जकड़न से होती है। कई लोगों को सुबह उठने के बाद गर्दन घुमाने में कठिनाई होती है। कुछ मामलों में कंधे में दर्द, सिर में भारीपन या हाथों में झनझनाहट भी महसूस हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि दर्द लगातार बना रहे या हाथों में कमज़ोरी महसूस होने लगे, तो इसे अनदेखा करना उचित नहीं है और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।

बचाव के उपाय: रोज़मर्रा में छोटे बदलाव, बड़ा फर्क

विशेषज्ञों की सलाह है कि काम करते समय कुर्सी पर सही मुद्रा बनाए रखें और कंप्यूटर स्क्रीन को आँखों की सीध में रखें। लंबे समय तक एक ही स्थान पर न बैठें — बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें और गर्दन को विश्राम दें।

मोबाइल का उपयोग करते समय गर्दन को अधिक देर तक नीचे न झुकाएँ। नियमित हल्की एक्सरसाइज और उचित ऊँचाई के तकिये का उपयोग सर्वाइकल की रोकथाम में सहायक हो सकता है। यह ऐसे समय में और भी ज़रूरी हो जाता है जब वर्क-फ्रॉम-होम संस्कृति के कारण बैठकर काम करने के घंटे पहले से कहीं अधिक बढ़ गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आधुनिक कार्यसंस्कृति की विफलता का संकेत भी है — जहाँ एर्गोनॉमिक्स और कर्मचारी स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दी जाती। गौरतलब है कि भारत में अधिकांश कॉर्पोरेट कार्यस्थलों पर अभी भी एर्गोनॉमिक कुर्सियाँ और स्क्रीन-ब्रेक नीतियाँ अनिवार्य नहीं हैं। जबकि व्यक्तिगत आदतें ज़रूरी हैं, असली बदलाव तब आएगा जब नियोक्ता और नीति-निर्माता कार्यस्थल स्वास्थ्य को एक संस्थागत ज़िम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वाइकल दर्द क्या होता है और यह कैसे होता है?
सर्वाइकल दर्द गर्दन की रीढ़ — यानी सर्वाइकल स्पाइन — की हड्डियों, डिस्क या नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ने से होता है। इसमें गर्दन में दर्द, अकड़न और कभी-कभी कंधे व हाथों तक झनझनाहट महसूस होती है।
ऑफिस में काम करने से सर्वाइकल की समस्या क्यों बढ़ती है?
घंटों गर्दन आगे झुकाकर लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करने से गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है। यह दबाव समय के साथ हड्डियों और डिस्क को प्रभावित करता है, जिससे सर्वाइकल की समस्या जन्म लेती है।
मोबाइल फोन से सर्वाइकल कैसे होता है?
गर्दन नीचे झुकाकर लंबे समय तक मोबाइल देखने पर गर्दन पर सामान्य से कई गुना अधिक दबाव पड़ता है। यह आदत लंबे समय तक जारी रहने पर गर्दन में दर्द और अकड़न की स्थायी समस्या बन सकती है।
सर्वाइकल के लक्षण क्या हैं और डॉक्टर के पास कब जाएँ?
सर्वाइकल के शुरुआती लक्षणों में गर्दन की जकड़न, सुबह गर्दन घुमाने में कठिनाई, कंधे में दर्द और हाथों में झनझनाहट शामिल हैं। यदि दर्द लगातार बना रहे या हाथों में कमज़ोरी आए, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना ज़रूरी है।
सर्वाइकल दर्द से बचने के लिए क्या करें?
काम करते समय सीधे बैठें और स्क्रीन को आँखों की सीध में रखें। बीच-बीच में उठकर चलें, मोबाइल को गर्दन झुकाकर न देखें, हल्की गर्दन की एक्सरसाइज करें और सोते समय उचित ऊँचाई के तकिये का उपयोग करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले